Saturday, July 11, 2026 |
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मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आज से पूजा-अर्चना

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विविधता में एकता का प्रतीक भारत में जहां अनगिनत संस्कृतियां एकाकार होती हैं। यहां अनेकों धर्मों और मतों को मानने वाले लोग रहते हैं जो असंख्य त्योंहारों को उत्साह के साथ मनाते हैं। आज से चैत्र की नवरात्रि भी शुरू हो रही है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्रि आरंभ हो जाती है, तो नवमी तिथि को समाप्त होती है। 9 दिनों तक चलने वाली इस नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों यानी कि शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इसके साथ ही पहले दिन घर में घटस्थापना की जाती है। इसके साथ ही साधक पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर मां की आराधना करते हैं। इसके साथ ही अष्टमी और नवमी तिथि को मां दुर्गा के स्वरूप मानकर छोटी कन्याओं की पूजा करने के साथ भोजन कराते हैं।

चेटीचण्ड आज: वहीं आज ही सिंधी समुदाय का त्योहार चेटीचण्ड भी है। यह वरुण देव (जल देवता) साई झूलेलाल (जिनका एक नाम उदरोलाल भी है) का जन्मदिन समारोह है। सिंधिओं में इसे एक अत्यंत शुभ दिन माना जाता है और यह बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। सिंधियों के लिए चेटीचंड नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। मराठी नव वर्ष में आने वाले गुड़ी पड़वा के समान ही, चेटीचंड सिंधी समुदाय के नववर्ष की शुरूआत माना गया है। इस दिन जल के देवता वरुणदेव की पूजा की जाती है। बहुत से लोग पूर्णिमा के दिन किसी झील या नदी के किनारे दूध और आटे में चावल मिलाकर ‘अखो’ चढ़ाने जाते हैं। यदि कोई नदी या ऐसा जलाशय पास में नहीं है, तो वे किसी कुए पर इस रिवाज को निभाते हैं।



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