नई दिल्ली,
ऑटोमोबाइल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को अपने पुणे स्थित संयंत्र में अपडेटेड वोक्सवैगन टाइगुन के उत्पादन की शुरुआत की घोषणा की। यह कदम कंपनी की ‘मेक इन इंडिया, भारत और विश्व के लिए’ रणनीति को और मजबूत करता है।
कंपनी के अनुसार, नई टाइगुन में आकर्षक डिजाइन के साथ प्रीमियम फीचर्स को बेहतर बनाया गया है और इसे विशेष रूप से भारतीय सड़कों और परिस्थितियों के अनुसार तैयार किया गया है। इसके साथ ही इसमें यूरोपीय स्तर की ड्राइविंग गुणवत्ता, आराम और सुरक्षा मानकों को बनाए रखा गया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पियूष अरोड़ा ने कहा कि नई टाइगुन का उत्पादन शुरू होना भारत में उनके विनिर्माण तंत्र की मजबूती और परिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि भारत में स्थित संयंत्र उच्च स्थानीयकरण के साथ वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी वाहन बनाने में सक्षम हैं, जिससे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की मांग को पूरा किया जा सकता है।
वोक्सवैगन इंडिया के ब्रांड निदेशक नितिन कोहली ने कहा कि टाइगुन अपने लॉन्च के समय से ही कंपनी की एसयूवी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और आगे भी यह कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि चाकन संयंत्र में इसका उत्पादन भारतीय ग्राहकों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्ष 2021 में लॉन्च हुई टाइगुन ने प्रदर्शन, आराम और सुरक्षा के आधार पर बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अब तक भारत में इसके 1.43 लाख से अधिक इकाइयों का उत्पादन किया जा चुका है, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत इकाइयों का निर्यात वैश्विक बाजारों में किया गया है। पुणे मुख्यालय वाली यह कंपनी भारत में वोक्सवैगन समूह के छह ब्रांडों के संचालन की जिम्मेदारी संभालती है, जिनमें ऑडी, पोर्शे, लेम्बोर्गिनी और बेंटले शामिल हैं। कंपनी ने भारत में लगभग 25 वर्ष पहले अपने संचालन की शुरुआत की थी और वर्तमान में चाकन तथा छत्रपति संभाजीनगर में इसके दो विनिर्माण संयंत्र संचालित हैं, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.15 लाख इकाइयों की है। वर्तमान समय में कंपनी के पास लगभग 700 ग्राहक संपर्क केंद्र हैं और करीब 5,000 कर्मचारियों का कार्यबल है, जो देशभर में इसके संचालन को मजबूती प्रदान करता है।




