Tuesday, July 7, 2026 |
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VJUमें द्वितीय आर. के. रस्तोगी मेमोरियल नेशनल नेगोशिएशन प्रतियोगिता का शुभारंभ

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
राजस्थान की पहली नेक ए ग्रेड युनिवर्सिटी विवेकानन्द ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जगतपुरा में द्वितीय राष्ट्रीय वीजीयू आर. के. रस्तोगी मेमोरियल नेशनल नेगोशिएशन प्रतियोगिता का शुभारंभ शनिवार को हुआ। प्रतियोगिता के उदघाटन सत्र में मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह थे। जबकि विशिष्ट अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मणीन्द्र मोहन श्रीवास्तव थे। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अवनीश झिंगन, एवं उच्चतम न्यायालय के रिटायर्ड न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी विशेष अतिथि के रूप में शामिल थे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने कहा कि देश की विधि व्यवस्था का भविष्य युवा पीढी के हाथों में सुरक्षित है। उन्होने कहा कि आज पारिवारिक विवाद के मामले बढ रहे हैं जिसमें घरेलू हिंसा के मामले ज्यादा हैं इससे तलाक के मामले भी बढ रहे हैं। उन्होने कहा कि भगवान कृष्णा ने महाभारत युद्व रोकने के दोनों पक्षों में मध्यस्था की भूमिका निभाई जो कौरव सेना नहीं मानी जिसका नतीजा विनाशकारी हुआ।
न्यायमूर्ति मसीह ने कहा कि हर व्यक्ति निगोसिटर बने और निगोशिएशन करना भी सीखें इससे हमें कई समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। आज हर कोई व्यक्ति किसी ना किसी रूप में प्रोफेशन के अलावा निजी जीवन में विभिन्न समस्याओं से ग्रस्त है। ऐसे में अगर हमने समझौते और समझाईश की राह अपना ली तो इनसे आसानी छुटकारा पा सकते है जो हमारे जीने की राह आसान बना देगा।
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशअजय रस्तोगी ने कहा कि हम सभी में उदारता होनी चाहिए। समाज के लिए हम क्या कर सकते है जो लोग समाज का भला करते है वे वास्तव मे इसमें अपना प्रचार नहीं करते हैं। चैरिटी कम हो या ज्यादा मैटर नहीं रखता बल्कि महत्व है यह आप किसके लिए कर रहे हो कब तक कर रहे हो। अपनी क्षमता के अनुसार कितनी मानवीयता है। कर्यक्रम अध्यक्षता करते हुए राज उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस श्री मणीन्द्र मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि मुझे इस इवेट का हिस्सा बनकर गर्व हो रहा है। नेगोशिएसन स्पर्धा आज महत्वपूर्ण इवेंट है जब में लॉ का विद्यार्थी था मैंने आत्मकथा पढनी शुरू की और प्रेरणा मिली। हमें महान लोगों की जीवन से हम हमेशा सीखते रहना चाहिए ।यहा बोलना और संवाद करना मुझे नया अनभव देता है। उन्होने कहा कि कठिन परिश्रम सफलता की जननी है। सफलता का कोई शार्ट कट नहीं है। एक जज और वकील के रूप में हमारे लिए रोजाना सीखने का होता है जब भी अवसर मिलता है हमेशा सीखते रहे । नेगोशिएसन जैसे स्पर्धा में अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन आपके भविष्य को बदल सकता है।



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