Sunday, June 28, 2026 |
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उद्योग मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर सरकार की एजेंसियों से मुलाकात कर आपसी सहयोग बढ़ाने की अपेक्षा जताई

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के लिए सिंगापुर में आउटरीच को जारी रखते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के नेतृत्व में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज सिंगापुर सरकार की कुछ प्रमुख एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की, जिसमें पब्लिक यूटीलिटिज बोर्ड (पीयूबी), जो सिंगापुर की राष्ट्रीय जल एजेंसी है, लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एलटीए) और सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड शामिल हैं। इन एजेंसियों के अधिकारियों के साथ हुई मुलाकात में राजस्थान सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने सतत जल प्रबंधन, शहरी भूमि परिवहन और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग के अवसरों पर चर्चा की और सिंगापुर और राजस्थान के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने की अपेक्षा जतायी।
अपनी सिंगापुर यात्रा के आज तीसरे और आखिरी दिन, राजस्थान सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर की राष्ट्रीय जल एजेंसी पब्लिक यूटीलिटिज बोर्ड (पीयूबी) के परिसर का दौरा किया। इस दौरान कार्बन फुटप्रिंट को कम करने तथा रिसाइक्ल्ड पानी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीयूबी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रतिनिधिमंडल को दी गयी। सिंगापुर को सस्टेनेबल और क्लाइमेट फ्रेंडली ग्रोथ के अनुकूल बनाने में पीयूबी द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि भौगोलिक और प्राकृतिक अवरोधों के बावजूद नहरों और जल संचयन की विभिन्न प्रणालियों को अपना कर राजस्थान पानी से जुड़ी अपनी जरूरतों का प्रबंधन सफलतापूर्वक करता रहा है। जल प्रबंधन के पीयूबी के सफल मॉडल से हम सीखने का प्रयास करेंगे और राजस्थान में इसके कार्यान्वयन की संभावनाओं की भी कोशिश करेंगे।
इसके बाद, राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एलटीए) के परिसर का भी दौरा किया और वहां के अधिकारियों के साथ सस्टेनेबल पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साइकिलिंग और पैदल चलने के बुनियादी ढांचे के विकास के क्षेत्र में संभावित सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एलटीए परिसर का भ्रमण भी किया और सार्वजनिक परिवहन की प्रमुख परियोजनाओं और भविष्य के लैंड ट्रांसपोर्ट मॉडल विकसित करने के लिए अपनायी जा रही नई तकनीकों की भी जानकारी ली।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने इसके बाद पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और इससे जुड़े क्षेत्रों में राजस्थान और सिंगापुर के बीच सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए चांगी हवाई अड्डे और सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों के साथ मुलाकात की। इस बैठक में, राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड से अनुरोध किया कि अपने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के जरिये विदेशों से सिंगापुर आने वाले पर्यटकों को राजस्थान आने के लिए प्रेरित करने के संबंध में विचार करें और पर्यटकों के लिए जयपुर में भी ऐसा ही एक केंद्र स्थापित करें। साथ-ही-साथ, सिंगापुर और जयपुर के बीच सीधी हवाई सेवा स्थापित करने पर भी विचार करने का आग्रह राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने किया। सिंगापुर और राजस्थान के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के इन दोनों प्रस्तावों के बारे में सिंगापुर टूरिजम बोर्ड के अधिकारियों ने विचार करने का आश्वासन दिया। इस चर्चा के दौरान, सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड ने कहा कि राजस्थान के ट्रैवल एजेंटों को वह नेशनल एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स द्वारा इस महीने के अंत में आयोजित एक पर्यटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित करते हैं।
अपने 4-दिवसीय सिंगापुर दौरे के आखिरी चरण में, उद्योग और वाणिज्य मंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने लॉजिस्टिक इंफ्रास्टक्चर में विशेषज्ञता रखने वाली एक प्रमुख सिंगापुर रियल एस्टेट डेवलपर कंपनी मैपलट्री इन्वेस्टमेंट के अधिकारियों के साथ भी मुलाकात की। इस बैठक के दौरान कर्नल राठौड़ ने लॉजिस्टिक संबंधी बुनियादी ढांचे की स्थापना के बारे में बात करते हुए कहा कि राज्य के पास उपलब्ध पर्याप्त खाली जमीन और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से इसकी निकटता के चलते राजस्थान निवेश के लिए एक स्ट्रैटेजिक और आदर्श गंतव्य है। राज्य में मैपलट्री के विस्तार को सुविधाजनक बनाने में राजस्थान सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन देते हुए उद्योग और वाणिज्य मंत्री ने कंपनी को राज्य में मौजूद अवसरों का पता लगाने के लिए राजस्थान आने और आगामी ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया। बैठक में मैपलट्री के अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान में एक लॉजिस्टिक केंद्र स्थापित करने में उनकी दिलचस्पी है क्योंकि उनकी कंपनी पुणे, मुंबई और चेन्नई से आगे भी अपने उपक्रमों का विस्तार करना चाहती है।



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