Saturday, July 25, 2026 |
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अब दवाओं पर टैरिफ

by Business Remedies
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भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिये नए सिरे से जारी बातचीत के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मा उत्पादों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ट्रंप ने ब्रांडेड और पेटेंटेड दवा उत्पादों पर सौ फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है, बशर्ते कि दवा निर्माता कंपनियां अमेरिका में उत्पादन सुविधाएं स्थापित न करें। आशंका है कि ट्रंप के इस कदम का प्रभाव भारत के फार्मा उद्योग पर पड़ सकता है, जिसने देश को ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में स्थापित किया है। दुनिया भर से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले तीस अरब डॉलर के फार्मा उत्पादों में से दस अरब डॉलर से अधिक का निर्यात भारत से होता है। भारत मुख्य रूप से अमेरिका को कम लागत वाली जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करता है। यह अच्छी बात है कि ये जेनेरिक दवाइयां नई टैरिफ व्यवस्था के दायरे में नहीं आती हैं। हालांकि, अभी तक सक्रिय दवा सामग्री यानी एपीआई पर कोई स्पष्टता नहीं है। वैसे भारत से भारतीय ब्राडेंड दवाइयों का भी निर्यात होता है। व्यापार अनुसंधान एजेंसी ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव के अनुसार फॉर्मास्युटिकल क्षेत्र में भारत सबसे बड़ा निर्यातक है, लेकिन ये अधिकांशत: गैर-ब्रांडेड दवाइयां हैं। वैसे अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर पचास फीसदी टैरिफ लगाने पर भी आशंका जताई गई थी कि इससे जेनेरिक व ब्रांडेड दवाएं महंगी हो सकती हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में भारत की फार्मा कंपनियों की आय का बड़ा जरिया होने के कारण ये काफी कम मार्जिन पर काम करती हैं। ऐसे में यदि उन पर टैरिफ लगता है, तो उनका वहां कारोबार करना कठिन हो सकता है।



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