बिजऩेस रेमेडीज/उदयपुर
किसानों के बीच एक विश्वसनीय नाम और घरेलू ट्रैक्टर उद्योग में महिंद्रा समूह के अग्रणी ब्रांड, स्वराज ट्रैक्टर्स ने राजस्थान में अपने उत्पादों से परे जाकर प्रोजेक्ट पानी के जरिये सकारात्मक सामाजिक बदलाव लाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। स्वराज ट्रैक्टर्स की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) से जुड़ी इस महत्वपूर्ण पहल ने राज्य में जल संकट कम करने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में उदयपुर में आयोजित एक प्रतिष्ठित समारोह में, स्वराज डिवीजन में एमएंडएम लिमिटेड के एचआर, ईआर, एडमिन और सीएसआर प्रमुख, डॉ. अरुण राघव को पूरे राज्य के 50 से अधिक स्कूलों में प्रोजेक्ट पानी को क्रियान्वित करने के लिए सम्मानित किया। इस पहल के तहत सरकारी स्कूलों में छत पर वर्षा जल संचयन टैंक लगाया जाता है, जो वहनीय विकास और जरूरतमंद समुदायों की सेवा करने के स्वराज के मूल्यों का उदाहरण है।
ग्रामीण भारत में अपनी विश्वसनीय विरासत के कारण, किसानों और ग्रामीण समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रति स्वराज की प्रतिबद्धता मशहूर है। ब्रांड का राजस्थान में ठोस बिक्री और सर्विसिंग नेटवर्क है, जिसमें 125 डीलर और 100 से अधिक दुकानें हैं। यहां इन दुकानों में कई एचपी सेगमेंट और वेरिएंट में उत्पादों का व्यापक संग्रह उपलब्ध हैं और ब्रांड राज्य भर में अपनी बाजार स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। प्रोजेक्ट पानी, कृषि से परे एक बड़ी परेशानी दूर करने के प्रति ब्रांड की प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जो प्रगति के भागीदार के रूप में इसकी विश्वसनीयता को उजागर करता है।
प्रोजेक्ट पानी ने अपनी स्थापना के बाद से आठ जिलों के 54 सरकारी स्कूलों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, जिससे 18,000 से ज़्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं। इस पहल के तहत भूजल में फ्लोराइड और लवणता के संदूषण की गंभीर समस्या के तौर पर नवोन्मेषी वर्षा जल संग्रहण उपकरणों के जरिये सुरक्षित, फ्लोराइड-मुक्त पेयजल उपलब्ध कराया। इस कार्यक्रम से न केवल छात्रों के स्वास्थ्य और उपस्थिति में सुधार हुआ, बल्कि जल परिवहन के व्यय में 12.8 लाख रुपये से अधिक की बचत हुई। स्वराज, साल 2020 से पंजाब और राजस्थान में भूजल की कमी को दूर करने के लिए प्रयास कर रहा है, जिसके तहत गरीब क्षेत्रों में पारंपरिक तालाबों को बहाल करने पर ध्यान दिया गया। ब्रांड को उम्मीद है कि इन प्रयासों से सालाना 40 लाख क्यूबिक मीटर पानी की बचत हुई जिससे सिंचाई और पीने के पानी, दोनों की मांग पूरी होगी। ऐसी कई सीएसआर परियोजनाओं के साथ, स्वराज ऐसी गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है जो इसके ब्रांड विजऩ के अनुरूप है और भावी पीढय़िों के लिए दीर्घकालिक तथा लाभकारी है।

