मुंबई,
भारतीय शेयर बाजार ने महीने की शुरुआत मजबूत बढ़त के साथ की। ऊंचे कच्चे तेल दाम और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी देखने को मिली। Sensex और Nifty दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। Sensex करीब 600अंक यानी 0.8प्रतिशत बढ़कर दिन के दौरान 75,367 के उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 185 अंक यानी 0.78 प्रतिशत चढ़कर 23,733 पर कारोबार करता दिखाई दिया।
Stock Market के दौरान अधिकांश सेक्टरों में मजबूती बनी रही। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। Nifty IT करीब 2प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे ज्यादा बढ़ने वाला सेक्टर रहा। वहीं Nifty MidSmall IT And Telecom सूचकांक में 1प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। मीडिया, रसायन और धातु क्षेत्र के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
हालांकि दैनिक उपभोग उत्पाद क्षेत्र के शेयरों पर दबाव बना रहा। Nifty FMCG सूचकांक में 0.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के सूचकांक भी मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। Nifty की प्रमुख कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। कंपनी का शेयर 1.35 प्रतिशत तक टूट गया। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एनटीपीसी, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, पावर ग्रिड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में भी कमजोरी रही। वहीं नेस्ले इंडिया, आईटीसी और सन फार्मा के शेयरों में 0.60 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक इंडिया VIX 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर करीब 16 पर आ गया। इससे निवेशकों के बीच घबराहट में कुछ कमी दिखाई दी। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान के साथ संघर्ष विराम बढ़ाने को लेकर प्रस्तावित समझौते पर जल्द फैसला लिया जाएगा। हालांकि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद अब भी कायम हैं।
इस बीच अमेरिकी सेना ने सप्ताहांत में ईरान के गोरुक और केश्म द्वीप स्थित रडार और ड्रोन नियंत्रण ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ान भर रहे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन अब ईरान के साथ होने वाले समझौते की शर्तों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। वहीं तेहरान भी नए प्रस्तावों पर काम कर रहा है।
जिंस बाजार में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल 2.63 प्रतिशत बढ़कर 93.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 3प्रतिशत से अधिक बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में भी मजबूती का माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 4प्रतिशत तक की तेजी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।

