Friday, July 3, 2026 |
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मिडिल ईस्ट संकट घटने के संकेत से बाजार उठा

मिडिल ईस्ट तनाव में नरमी के संकेत, बाजार में जबरदस्त उछाल; सेंसेक्स 1372 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,900 के पार

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज / मुंबई | मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत मिलते ही भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने से बाजार में खरीदारी लौटी और प्रमुख सूचकांक 1.5% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।

कारोबार के अंत में BSE Sensex 1,372.06 अंक (1.89%) उछलकर 74,068.45 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 399.75 अंक (1.78%) बढ़कर 22,912.40 के स्तर पर पहुंच गया। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 74,489.39 का उच्चतम स्तर भी छुआ।

बाजार में तेजी की अगुवाई ऑटो और बैंकिंग शेयरों ने की, जिससे दोनों बेंचमार्क अपने दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए।

व्यापक बाजारों ने दिखाई और ज्यादा मजबूती

बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले व्यापक बाजारों में ज्यादा तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.60% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.63% की बढ़त दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो:

  • ऑटो सेक्टर: +2.43%
  • मीडिया सेक्टर: +3.45%
  • बैंक सेक्टर: +2.27%
  • आईटी सेक्टर: +1.72%
  • एफएमसीजी सेक्टर: +1.25%

इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में InterGlobe Aviation Limited (इंडिगो) के शेयरों में 5.49% और Larsen & Toubro में 5.17% की तेज़ उछाल दर्ज की गई। इसके अलावा Bajaj Finance Limited, Asian Paints और Apollo Hospitals के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर Coal India Limited, Power Grid Corporation of India, Sun Pharmaceutical Industries और Cipla के शेयरों में गिरावट रही।

निवेशकों को ₹7.74 लाख करोड़ का फायदा

बाजार में आई इस तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 7.74 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 422.85 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।

क्यों आई बाजार में तेजी?

इस तेजी के पीछे मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद रही। Donald Trump के बयान में दोनों देशों के बीच “सार्थक बातचीत” की बात कही गई, जिससे बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। हालांकि, ईरान की ओर से इस बातचीत की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ऊर्जा ढांचे पर हमलों में अस्थायी रोक और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद ने बाजार को राहत दी।

आगे क्या देखें निवेशक?

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल सकारात्मक संकेतों पर प्रतिक्रिया दे रहा है, लेकिन निवेशक अब भी सतर्क हैं। खासतौर पर Strait of Hormuz से जुड़े घटनाक्रम और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर नजर बनी हुई है। कुल मिलाकर, भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेतों ने बाजार में मजबूत रिकवरी को जन्म दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा फिर से लौटता दिख रहा है।



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