नई दिल्ली। नई दिल्ली आधारित धंसा लैब्स लिमिटेड पूर्व नाम अंबे लेबोरेटरीज लिमिटेड फसल सुरक्षा के लिए एग्रोकेमिकल उत्पाद निर्माण करने वाली प्रमुख कंपनी है। कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी धंसा ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने भूमि अधिग्रहण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उक्त अधिग्रहण नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की रणनीतिक विस्तार योजनाओं के अनुरूप है।
धंसा ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने कन्हैया लाल शर्मा से भूमि का अधिग्रहण किया है। यह भूमि खसरा संख्या 2140/520, 2141/520, 520 और 538 में स्थित है, जो ग्राम रोतेड़ा, तहसील केशोराइपाटन, जिला बूंदी, राजस्थान – 323301 में स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 8.17 हेक्टेयर है। वर्तमान लेनदेन के अनुसार, कंपनी ने उक्त भूमि के 4.085 हेक्टेयर भाग का पंजीकरण/अधिग्रहण कर लिया है, और शेष भाग के पंजीकरण/अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। कंप्रेस बायोगैस संयंत्र की स्थापना के लिए इस भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस भूमि अधिग्रहण के लिए कुल नकद राशि 1,46,08,257/- रुपए खर्च की गई है।
यह करती है कंपनी: 1985 में निगमित, धंसा लैब्स लिमिटेड पूर्व नाम अंबे लेबोरेटरीज लिमिटेड फसल सुरक्षा के लिए एग्रोकेमिकल उत्पाद बनाती है। कंपनी लगभग चार दशकों से कृषि रसायन क्षेत्र में सेवा दे रही है। कंपनी 2,4-डी बेस केमिकल्स का निर्माण और आपूर्ति करती है।
राजस्थान के बहरोड़ में कंपनी की विनिर्माण इकाई, गुणवत्ता अनुसंधान संगठन द्वारा आईएसओ 9001:2015 और यूनाइटेड एक्रिडिटेशन फाउंडेशन द्वारा आईएसओ 14001:2015 से प्रमाणित है।
कंपनी वर्तमान में अपने ग्राहकों जैसे एरोमैटिक रसायन प्राइवेट लिमिटेड, जेआर जिंदल इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एससी फॉर्म्युलेटर कंपनी लिमिटेड जैसे बड़े कॉर्पोरेट शामिल हैं, के लिए कई एग्रोकेमिकल उत्पाद निर्माण एवं आपूर्ति करती है।

