कुंजेश कुमार पतसारिया | अगर मन में कुछ नया करने का लक्ष्य हो तो उसे जुनून के दम पर पूरा किया जा सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है एडवोकेट राहुल गर्ग ने, जिन्होंने दो व्यवसाय को शुरू कर कामयाबी हासिल कर सफल रहे हैं। आज वे दो व्यवसाय होटल और टेक्सटाइल में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। उनकी भविष्य की प्लानिंग है कि वे अपने दोनों व्यवसाय को अपनी गुणवत्ता और व्यवहारशीलता से देशभर में विस्तारित कर एक ब्रांड बनकर पहचान कायम कर सकें।
आपकी शैक्षिणिक गतिविधियों के बारे में बताएं?
स्कूली शिक्षा मैंने सेंट एंस्लेम्स पिंकसिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल,मालवीय नगर से की है। उसके बाद जयपुर से ही एमिटी यूनिवर्सिटी से 5 वर्ष लॉ की पढ़ाई की है।
व्यवसाय करने की प्ररेणा आपको कहां से मिली? दो व्यवसाय शुरू करने की सीख आपको कैसे और कहां से मिली?
व्यवसाय करने की प्रेरणा मुझे अपने परिवार से, आस-पास के उद्यमियों से और अपने सपनों को साकार करने की इच्छा से मिली। जब मैंने देखा कि लोग अपनी मेहनत और सोच से खुद की पहचान बना रहे हैं और दूसरों को रोजगार भी दे रहे हैं, तो मुझे भी महसूस हुआ कि मैं सिर्फ नौकरी करने तक सीमित नहीं रहना चाहता। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था, जो सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी हो। कई बार आर्थिक परिस्थितियां भी इंसान को व्यवसाय की ओर प्रेरित करती हैं। मेरे लिए यह एक जरूरत के साथ-साथ जुनून भी बन गया। व्यवसाय शुरू करने की असली सीख अनुभव और गलतियों से मिलती है। हालांकि मैंने शुरुआती ज्ञान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, बुक्स और मेंटर्स से लिया, लेकिन असली समझ तब आई जब मैं मैदान में उतरा।
आप होटल और कपड़े के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, दोनों अलग-अलग तरीके के व्यवसाय है, कैसे आप सामंजस्य बैठा पाते हैं?
होटल और कपड़ों का व्यवसाय दोनों अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं—एक सर्विस इंडस्ट्री है और दूसरा प्रोडक्ट आधारित। पर यदि एक व्यक्ति इन दोनों को एक साथ संभाल रहा है, तो वहां कुछ रणनीतियां और दृष्टिकोण होते हैं, जिनसे संतुलन बनाया जा सकता है। इनमें प्रथम-व्यवस्थापन में टीम का सहयोग, दोनों व्यवसायों के लिए अलग-अलग प्रबंधक और टीमें होना जरूरी है। आपको रणनीतिक और उच्च-स्तरीय निर्णय लेने पर फोकस करना होता है, जबकि दिन-प्रतिदिन के कार्य आपकी विश्वसनीय टीम संभालती है। दूसरा-समय का विभाजन, सप्ताह या महीने के हिसाब से समय को विभाजित करें-जैसे सप्ताह के कुछ दिन होटल व्यवसाय के लिए और कुछ दिन कपड़ों के लिए। तीसरा-सीख और अनुभव का आदान-प्रदान, होटल से मिलने वाला ग्राहक अनुभव का ज्ञान कपड़ों के व्यवसाय में काम आ सकता है और कस्टमर बिहेवियर की समझ बेहतर हो सकती है। ग्राहक सेवा की गुणवत्ता दोनों जगह बढ़ सकती है।
वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष क्या कोई चुनौतियां सामने आई हैं? उसके समाधान कैसे आप कर पाए?
वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में चुनौतियां आम बात हैं और मेरे सामने भी कई प्रकार की चुनौतियां आई हैं। विशेष रूप से, तेजी से बदलती तकनीक और कार्यकुशलता की अपेक्षाएं मेरे लिए एक बड़ी चुनौती थीं। जैसे-जैसे नई तकनीकों का आगमन हुआ, वैसे-वैसे यह आवश्यक हो गया कि मैं स्वयं को लगातार अपडेट रखूं। इस समस्या का समाधान मैंने कुछ कदम उठाकर किया, इसमें प्रमुखतय: निरंतर अधिगम- मैंने ऑनलाइन कोर्स, वेबिनार और वर्कशॉप के माध्यम से नए तकनीकी कौशल सीखे। समय प्रबंधन- प्रतिस्पर्धा के कारण कार्यभार भी बढ़ गया था, इसलिए मैंने कार्यों की प्राथमिकता तय करना सीखा और समय प्रबंधन के अच्छे तरीके अपनाए। टीमवर्क और सहयोग- मैंने सहयोगी तरीके से काम करना सीखा और अपने सहकर्मियों से अनुभव साझा कर नए दृष्टिकोण अपनाए। फीडबैक और आत्मविश्लेषण- मैंने वरिष्ठों से नियमित फीडबैक लिया और अपने कार्यों का मूल्यांकन कर सुधार किया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल मैंने चुनौतियों का समाधान किया, बल्कि अपने व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में भी प्रगति की।
होटल और कपड़े के व्यवसाय के बारे में संक्षिप्त में बताएं कि क्या-क्या काम होते हैं?
होटल और कपड़ों के व्यवसाय दोनों ही सेवा और उत्पाद आधारित व्यवसाय हैं, जिनमें संचालन, स्टाफ मैनेजमेंट और ग्राहक सेवा का बहुत बड़ा योगदान होता है।
आपके आदर्श कौन हैं?
आदर्श मेरे पिता हैं। वे हमेशा मेहनत, ईमानदारी और धैर्य का प्रतीक रहे हैं। उन्होंने मुझे जीवन में कभी हार ना मानने की प्रेरणा दी है। चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों ना हों, वे हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं। मैं उनके सिद्धांतों और जीवन जीने के तरीके से बहुत प्रभावित हूं और उन्हीं की तरह एक जिम्मेदार और समर्पित व्यक्ति बनने की कोशिश करता हूं।
सामाजिक सरोकार के कोई काम किए हैं, तो बताएं?
मैं नियमित रूप से रक्तदान करता हूं और मैंने कम से कम 8 बार रक्तदान किया है। इसके अलावा कोविड़-19 के दौरान मास्क वितरण और लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जागरूक करने का काम भी किया। लोगों को जागरूक करते थे कि प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करें। अपने व्यवसाय को कहां तक ले जाना चाहेंगे? भविष्य की प्लानिंग के बारे में बताएं। मैं अपने होटल और कपड़ों के व्यवसाय को आने वाले वर्षों में एक ब्रांड के रूप में स्थापित करना चाहता हूं, जो ग्राहकों को ना केवल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज दे, बल्कि एक शानदार अनुभव भी दें। होटल के क्षेत्र में, मेरी योजना है कि हम अपने होटल को एक ऐसी जगह बनाएं जहां ग्राहक सिर्फ ठहरने नहीं बल्कि आराम, स्वादिष्ट खानपान और बेहतरीन सर्विस का आनंद लें। भविष्य में हम अन्य शहरों में भी ब्रांच खोलने की योजना बना रहे हैं, खासकर टूरिस्ट डेस्टिनेशन और बिजनेस हब्स में। हमारा लक्ष्य है कि हम एक ‘हॉस्पिटैलिटी ब्रांड’ के रूप में पहचान बनाएं। कपड़ों के बिजनेस में हम एक फैशन ब्रांड के रूप में उभरना चाहते हैं, जो क्वालिटी, ट्रेंड और कीमत के बीच संतुलन बनाए रखे। भविष्य में हम अपना ऑनलाइन स्टोर शुरू करेंगे ताकि ग्राहक भारत के किसी भी कोने से हमारे प्रोडक्ट्स खरीद सकें। साथ ही हमारी कोशिश होगी कि हम लोकल आर्ट, हैंडलूम और इंडियन डिजाइनों को प्रमोट करें। हम दोनों ही क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, और कस्टमर एक्सपीरियंस को प्राथमिकता दे रहे हैं। हम एक ऐसा ब्रांड बनाना चाहते हैं, जिस पर लोग भरोसा करें और जिससे लोग जुड़ाव महसूस करें।
युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे, किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। युवा व्यवसाय शुरू करने से पहले स्पष्ट लक्ष्य तय करें: सिर्फ पैसा कमाना ही उद्देश्य ना हो, बल्कि यह भी तय करें कि आप समाज या बाज़ार को क्या समाधान देने जा रहे हैं। प्रथम: क्यों से शुरुआत करें-आप ये व्यवसाय क्यों शुरू करना चाहते हैं? दूसरा: बाजार की सही समझ रखें-अपने प्रोडक्ट/सर्विस की जरूरत कितनी है? ग्राहक कौन हैं? प्रतियोगी कौन हैं?
किन क्षेत्रों में डिमांड ज़्यादा है और कौनसे सेगमेंट अनछुए हैं? तीसरा: छोटे से शुरुआत करें, पर सोच बड़ी हो- शुरू में बहुत बड़ा निवेश ना करें। छोटे लेवल पर टेस्ट करके आगे बढ़ें। न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद(एमवीपी) बनाकर देखें कि लोग कैसा रिस्पॉन्स देते हैं। चौथा: पैसे का सही प्रबंधन-बिजनेस में कैश फ्लो सबसे जरूरी होता है। खर्च और आमदनी का संतुलन बनाए रखें। अकाउंटिंग, टैक्स और फाइनेंस की बेसिक समझ जरूर लें।
सरकार से आपके व्यवसाय के लिए क्या अपेक्षाएं हैं?
सरकार से हमारी अपेक्षाएं हैं कि वह वित्तीय सहयोग दे यानि व्यवसाय को शुरू करने या बढ़ाने के लिए आसान शर्तों पर लोन मिले। सब्सिडी और अनुदान मिले, विशेष रूप से ग्रामीण, महिला उद्यमियों या छोटे और मझोले उद्यमियों को अनुदान मिलना चाहिए। क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत बिना गारंटी के लोन मिल सके। सरलीकरण और प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। सरकारी कागजी कार्रवाई आसान और डिजिटल हो। इसके अलावा एकल खिडक़ी प्रणाली के तहत सभी मंजूरी और पंजीकरण। जीएसटी और टैक्स प्रणाली सरल हो।



