जयपुर। जयपुर आधारित ‘Shubhshree Biofuels Energy Limited‘ बायोमास पेलेट्स एवं ब्रिकेट्स निर्माण एवं बिक्री सहित बायोमास ईंधन का करने वाली प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा अतिरिक्त संयंत्र और मशीनरी की स्थापना के लिए पूंजीगत व्यय के वित्तपोषण, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की।
यह करती है कंपनी: Shubhshree Biofuels Energy Limited की स्थापना 2013 में हुई थी और यह पुनर्नवीनीकरण सामग्री, कपड़ा प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल, धातु आदि क्षेत्रों में काम करने वाले ग्राहकों को बायोमास पेलेट्स एवं ब्रिकेट्स सहित बायोमास ईंधन की आपूर्ति करती है।
ये बायोमास ईंधन ऊर्जा का एक वैकल्पिक स्रोत हैं जो मूल रूप से कोयला, जलाऊ लकड़ी, लिग्नाइट, कृषि-अपशिष्ट आदि जैसे जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रूप में वाणिज्यिक और औद्योगिक हीटिंग, खाना पकाने के ईंधन, औद्योगिक जलने और बिजली उत्पादन में उपयोग किया जाता है। ब्रिकेट्स प्रमुख रूप से हैं बॉयलर आदि चलाने जैसे औद्योगिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है और पेलेट्स का उपयोग मुख्य रूप से खाना पकाने के ईंधन या वाणिज्यिक उद्देश्यों के रूप में किया जाता है। इस व्यवसाय में बाजार की प्रतिक्रिया और अवसर को देखते हुए कंपनी ने खसरा नंबर 33/1, ग्राम पहाड़ी, तहसील निवाई, जिला टोंक -304021 राजस्थान में स्थित अपनी विनिर्माण सुविधा स्थापित की।
कंपनी ने तीन ब्रिकेटिंग और पेलेटिंग मशीनें स्थापित की हैं, जिनमें से एक कंपनी के स्वामित्व में है और अन्य दो को परिसर के साथ पट्टे पर लिया गया है, जिनकी संयुक्त क्षमता 132 टन प्रति दिन है। कंपनी द्वारा निर्मित बायोमास के अलावा, कंपनी बायोमास पेलेट्स एवं ब्रिकेट्स की आपूर्ति में भी शामिल हैं, जो विभिन्न विक्रेताओं से खरीदे जाते हैं जो इन बायोमास ईंधन के निर्माण में लगे हुए हैं। अक्टूबर 2023 से फरवरी 2024 की अवधि में, कंपनी ने 12090 टन बायोमास ईंधन का उत्पादन किया, जबकि कुल बिक्री मात्रा लगभग 50600 टन थी और निर्मित वस्तुओं की हिस्सेदारी कुल बिक्री मात्रा का लगभग 23.8 फीसदी थी।
ये बायोमास पेलेट्स एवं ब्रिकेट्स पुनर्चक्रित हरे कचरे से बनाए जाते हैं, जो कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पैदा करते हैं। बायोमास ईंधन के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले मुख्य कच्चे माल में कृषि-अपशिष्ट, लकड़ी का बुरादा आदि शामिल हैं। ये कच्चे माल किसानों और आस-पास के स्रोतों से या तो सीधे या डीलरों व दलालों के माध्यम से खरीदे जाते हैं।कंपनी के ग्राहक मुख्य रूप से भारत के उत्तरी राज्यों, विशेषकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और एनसीआर क्षेत्र से हैं। 30 मार्च, 2024 तक कंपनी में 26 लोग कार्यरत थे।
वित्तीय प्रदर्शन : वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने कुल राजस्व 7.91 करोड़ रुपए एवं 27.46 लाख रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2023 में 59.71 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 2.42 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 94.88 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 3.29 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
कंपनी के वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी का राजस्व एवं कर पश्चात शुद्ध लाभ वर्ष दर वर्ष बढ़ रहा है।वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन 3.5 फीसदी दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की असेट्स 13.96 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 7.11 करोड़ रुपए, रिजर्व एंड सरप्लस 3.26 करोड़ रुपए और कुल कर्ज 60.66 लाख रुपए दर्ज किया गया है। कंपनी का कर्ज इक्विटी अनुपात 0.9 गुना है और इस आधार पर कह सकते हैं कि कंपनी पर कर्ज भार ना के बराबर है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 8.57 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है।
प्रवर्तकों का अनुभव:
33 वर्षीय सागर अग्रवाल कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वे कंपनी के प्रमोटरों में से एक भी हैं। वे 31 अक्टूबर, 2023 से कंपनी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2012 में राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनके पास 121 शुभश्री बायोफ्यूल्स एनर्जी लिमिटेड बायोमास और बायोफ्यूल्स उद्योग में लगभग 10 वर्षों का कार्य अनुभव है। वे मुख्य रूप से समग्र बायोमास विनिर्माण, वित्तीय प्रबंधन और संसाधन आवंटन आदि की देखभाल करते हैं।

32 वर्षीय अनुराग अग्रवाल कंपनी प्रमोटर और पूर्णकालिक निदेशक हैं। वे निगमीकरण के बाद से ही कंपनी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2012 में राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उनके पास 9 वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव है, जिसमें से 6 वर्ष का ईंट निर्माण का अनुभव और 2.5 वर्ष का बायोमास विनिर्माण का अनुभव है। वे मुख्य रूप से समग्र बायोमास विनिर्माण की देखभाल करते हैं
33 वर्षीया आस्था अग्रवाल कंपनी की प्रमोटर और गैर-कार्यकारी निदेशिका हैं। उन्होंने जगन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली से वर्ष 2014 में प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पूरा किया है। उन्हें डिजिटल मार्केटिंग उद्योग में 3 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

35 वर्षीया उपासना श्रीवास्तव दत्तानी कंपनी की प्रमोटर और गैर-कार्यकारी निदेशिका हैं। उन्होंने वर्ष 2011 में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड इकोनॉमी, दिल्ली से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन पूरा किया है। उनके पास रणनीतिक और आविष्कारशील सोच के साथ एचआर लीडर के रूप में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है जो कंपनी के उद्देश्यों को मानव संसाधन रणनीतियों से सामंजस्य के साथ कंपनी के प्रदर्शन, लाभप्रदता, विकास को बढ़ावा देते हैं।
IPO के संबंध में जानकारी: ‘Shubhshree Biofuels Energy Limited‘ का IPO NSE EMERGE PLATFORM पर 9 सितंबर को खुलकर 11 सितंबर 2024 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 10 रुपए फेसवैल्यू के 13,92,000 शेयर 113 रुपए से 119 रुपए प्रति शेयर के भाव से जारी कर 16.56 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। IPO का मार्केट लॉट साइज 1200 शेयरों का है। IPO का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

