Wednesday, July 8, 2026 |
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Enviro Infra Engineers Limited को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ऊर्जा-कुशल सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 256.92 करोड़ रुपये के ईपीसी ऑर्डर मिले

by Business Remedies
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Namami Gange कार्यक्रम के तहत 45 MLD और 60 MLD क्षमता वाली दो नई Hybrid Annuity Model (HAM) परियोजनाएं ऊर्जा-कुशल और आत्मनिर्भर सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित की जाएंगी

इन परियोजनाओं के साथ कंपनी का HAM पोर्टफोलियो बढ़कर पांच परियोजनाओं का हो गया है

New Delhi | Enviro Infra Engineers Limited (NSE: EIEL, BSE: 544290), पूरे India में जल एवं अपशिष्ट जल शोधन क्षेत्र की प्रमुख ईपीसी कंपनी, को Government of India के प्रमुख Namami Gange कार्यक्रम के तहत Uttar Pradesh Jal Nigam (Rural) से दो प्रतिष्ठित Hybrid Annuity Model (HAM) परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इन दोनों ऑर्डरों का संयुक्त मूल्य 256.92 करोड़ रुपये है। इन नई परियोजनाओं के साथ कंपनी का HAM पोर्टफोलियो बढ़कर पांच परियोजनाओं का हो गया है, जिससे HAM मॉडल के तहत दीर्घकालिक जल एवं अपशिष्ट जल अवसंरचना के विकास और क्रियान्वयन में उसकी अग्रणी स्थिति और मजबूत हुई है।

इन परियोजनाओं के तहत कंपनी 45 MLD और 60 MLD क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, उनसे संबंधित अवसंरचना का विकास करेगी तथा 15 वर्षों तक उनके संचालन एवं रखरखाव (O&M) की जिम्मेदारी भी निभाएगी। इन संयंत्रों को ऊर्जा-कुशल एवं आत्मनिर्भर अपशिष्ट जल शोधन सुविधाओं के रूप में डिजाइन किया गया है, जिनमें दीर्घकालिक परिचालन दक्षता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों को शामिल किया जाएगा।

परियोजनाओं का विवरण

  1. Pandit Deen Dayal Upadhyay Nagar (DDU Nagar) में 45 MLD क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं संबंधित अवसंरचना का विकास तथा 15 वर्षों का संचालन एवं रखरखाव, जिसकी लागत 126.78 करोड़ रुपये (जीएसटी को छोड़कर) है।
  2. Varanasi के Lohata में 60 MLD क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं संबंधित अवसंरचना का विकास तथा 15 वर्षों का संचालन एवं रखरखाव, जिसकी लागत 130.14 करोड़ रुपये (जीएसटी को छोड़कर) है।

दोनों परियोजनाओं में बायोगैस आधारित विद्युत उत्पादन और सौर ऊर्जा प्रणाली को शामिल कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता को अधिकतम किया जाएगा। सीवेज शोधन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाले स्लज से बायोगैस तैयार की जाएगी, जिसे गैस जनरेटर के माध्यम से बिजली उत्पादन के लिए उपयोग किया जाएगा। इससे एक ओर स्लज प्रबंधन की समस्या का समाधान होगा, वहीं दूसरी ओर नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन भी होगा।

इसके अलावा, उपलब्ध छतों और खुले स्थानों पर लगाए जाने वाले सोलर पैनल दिन के समय स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराएंगे। बायोगैस और सौर ऊर्जा का यह संयुक्त उपयोग परिचालन लागत कम करेगा, कार्बन उत्सर्जन घटाएगा, परियोजनाओं की पर्यावरणीय स्थिरता बढ़ाएगा तथा पूरे परिचालन काल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।

Enviro Infra Engineers Limited के चेयरमैन Sanjay Jain ने कहा, “नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत Uttar Pradesh Jal Nigam (Rural) द्वारा हमें ये महत्वपूर्ण परियोजनाएं सौंपे जाने पर हमें गर्व है। हमारा लक्ष्य देश के जल प्रबंधन और स्वच्छता संबंधी उद्देश्यों में योगदान देने के लिए उच्च गुणवत्ता, टिकाऊ और समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराना है। हम इंजीनियरिंग और परियोजना निष्पादन के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

कंपनी की मजबूत वित्तीय तैयारी और अनुशासित परियोजना निष्पादन क्षमता का प्रमाण यह भी है कि दोनों परियोजनाओं के लिए टर्म लोन की सैद्धांतिक (इन-प्रिंसिपल) स्वीकृति पहले ही प्राप्त हो चुकी है। इससे समय पर वित्तीय समापन और परियोजनाओं की सुचारु शुरुआत सुनिश्चित होगी।

इन नए ऑर्डरों से Enviro Infra Engineers Limited की Hybrid Annuity Model (HAM) क्षेत्र में स्थिति और मजबूत होगी तथा India के दीर्घकालिक जल प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण लक्ष्यों को समर्थन देने वाली ऊर्जा-कुशल, टिकाऊ जल एवं अपशिष्ट जल अवसंरचना विकसित करने की उसकी प्रतिबद्धता और सुदृढ़ होगी।



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