बिजऩेस रेमेडीज/सोलन Shoolini University ने एक बार फिर भारत के प्रमुख निजी शोध विश्वविद्यालय के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय ने भारत में तीसरा स्थान हासिल किया और वैश्विक टॉप 500 में अपनी जगह बरकरार रखी। वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर भारत की बढ़ती उपस्थिति को बढ़ावा देते हुए, विश्वविद्यालय ने रिसर्च क्वालिटी में वैश्विक स्तर पर 135वां स्थान हासिल किया, जो इसे भारत के सबसे अनुसंधान-केंद्रित और नवाचार-प्रेरित निजी विश्वविद्यालयों में गिनता है।
इस वर्ष केवल चार भारतीय विश्वविद्यालय ही वैश्विक टॉप 500 में शामिल हुए हैं — IISc बैंगलोर, सेविथा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और शूलिनी यूनिवर्सिटी। शूलिनी विश्वविद्यालय इन सभी संस्थानों को भारत की वैश्विक शिक्षा में योगदान के लिए हार्दिक बधाई देता है। यह उपलब्धि पिछले चार वर्षों में तीसरी बार है जब शूलिनी यूनिवर्सिटी टाइम्स हायर एजुकेशन द्वारा वैश्विक टॉप 500 में शामिल हुई है, जो इसकी अकादमिक और शोध उत्कृष्टता में निरंतर प्रगति को दर्शाती है। Shoolini University के संस्थापक एवं चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे संकाय, शोधकर्ताओं और छात्रों के सामूहिक प्रयास और उत्कृष्टता पर ध्यान का परिणाम है। Shoolini की यात्रा हमेशा भारत में विश्वविद्यालयों के लिए नए मानक स्थापित करने और हिमालय से ही वैश्विक प्रभाव बनाने की रही है। टॉप 500 वैश्विक स्थिति बनाए रखना इस विश्वास को प्रमाणित करता है कि भारतीय संस्थान गुणवत्ता, नवाचार और शोध के माध्यम से विश्व के श्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

