Mumbai,
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन Monday को stock market update में घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। West Asia में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर बाजार पर साफ देखने को मिला, जबकि global संकेत और banking कंपनियों के अच्छे परिणाम कुछ सहारा देने में नाकाम रहे।
शुरुआती कारोबार में सूचकांकों पर दबाव
शुरुआती कारोबार में Sensex 232 अंक गिरकर 78,261 के स्तर पर रहा, जो लगभग 0.29 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। वहीं Nifty भी करीब 0.46 प्रतिशत यानी 100 अंकों से अधिक टूटकर 24,241 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में खासतौर पर रियल्टी, धातु और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। शुरुआती कारोबार में हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, टीएमपीवी, इटरनल, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फिनसर्व और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में गति तो बन रही है, लेकिन निवेशकों का भरोसा पूरी तरह से वैश्विक स्थिरता पर निर्भर है। जब तक geopolitical स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और निवेश के अवसर अल्पकालिक रणनीतियों पर आधारित रहेंगे।
संस्थागत निवेशकों की गतिविधि
पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुद्ध रूप से खरीदारी की और लगभग 683 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए करीब 4,721 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। विश्लेषकों के अनुसार, आज के लिए बाजार की शुरुआत सकारात्मक से सीमित दायरे में रह सकती है, क्योंकि global संकेत मजबूत हैं। हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली या स्थिरता भी देखने को मिल सकती है। ईरान द्वारा Hormuz जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर फिर से प्रतिबंध लगाने से बाजार में नई चिंता पैदा हुई है। इससे पहले ईरान ने इस मार्ग को खोलने की घोषणा की थी, लेकिन ताजा फैसले ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 7.18 प्रतिशत बढ़कर 96.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 8.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 91.20 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहा। एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला, जहां जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक करीब 1 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं पिछले सत्र में अमेरिका के शेयर बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे, जहां एसएंडपी 500 सूचकांक 1.2 प्रतिशत और नैस्डैक 1.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

