Friday, August 14, 2026 |
Home Real Estateसस्ते मकान के बाजार में उतरेगी आईआईएफसीएल, रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा

सस्ते मकान के बाजार में उतरेगी आईआईएफसीएल, रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा

by Business Remedies
0 comments

बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) सस्ते मकान के क्षेत्र में उतरने की योजना बना रही है। इससे रियल एस्टेट क्षेत्र के इस हिस्से को बढ़ावा मिलेगा।
आईआईएफसीएल की स्थापना 2006 में भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में हुई थी। वह स्कीम फॉर फाइनैंसिंग वायबल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (एसआईएफटीआई) के तहत व्यवहार्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
कंपनी सितंबर 2013 से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की निगरानी में एक पंजीकृत एनबीएफसी के रूप में काम करती है, मगर वह जमा स्वीकार नहीं करती है। अधिकारी ने कहा कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मणिपुर, गुजरात, मेघालय और ओडिशा जैसे कई राज्यों की सरकारों के साथ इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
रियल एस्टेट सलाहकार फर्म एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि भारत में सरकारी कार्यक्रमों द्वारा समर्थित सस्ते आवासीय बुनियादी ढांचे के लिए फाइनेंस का उद्देश्य वित्तीय समावेशन है। उन्होंने कहा कि डेवलपर आम तौर पर कम मुनाफा मार्जिन के कारण सस्ते आवासीय परियोजनाओं में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। उम्मीद है कि आगामी बजट में इस श्रेणी को बड़ी कंपनियों के लिए भी आकर्षक बनाया जाएगा।
एनारॉक रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, सस्ते मकान श्रेणी (40 लाख रुपये से कम कीमत) में बिक्री 2024 की पहली तिमाही में घटकर करीब 20 फीसदी रह गई है जो वैश्विक महामारी से पहले 38 फीसदी से अधिक थी।
नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको), कर्नाटक के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि सस्ते मकान वाली परियोजनाएं आम तौर पर बिल्डरों के लिए आकर्षक नहीं होती हैं। स्क्वायर यार्ड्स के कार्यकारी अध्यक्ष एवं कारोबार प्रमुख विकास तोमर ने बताया कि सरकार क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत ब्याज सब्सिडी, डेवलपरों के लिए कर लाभ आदि उपायों के जरिये सस्ते आवास क्षेत्र को प्रोत्साहित कर रही है।
आईआईएफसीएल का एकल शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही 44 फीसदी बढक़र 1,552 करोड़ रुपये हो गया। इसे मुख्य तौर पर ऋण कारोबार और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार होने से बल मिला। साल के दौरान कंपनी ने 760 परियोजना को कुल 13.8 लाख करोड़ रुपये के ऋण दिए।



You may also like

Leave a Comment