Office Leasing में बढ़ोतरी
नई दिल्ली। भारत के प्रमुख सात शहरों में Office Space Leasing में लगातार मजबूती देखने को मिली है। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान देश में Office Leasing सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर 54.4 मिलियन वर्ग फुट पहुंच गई है। Property Consultant Colliers की रिपोर्ट के अनुसार, Occupier Expansion, Global Capability Centres (GCCs) की मांग और Flexible Workspace Operators के बढ़ते इस्तेमाल से Office Market को गति मिली है।
तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में Grade A Office Space की मांग 18.7 मिलियन वर्ग फुट रही, जो हाल के वर्षों में किसी तीसरी तिमाही का सबसे ऊंचा स्तर है। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 7 प्रतिशत और एक साल पहले की अवधि की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक रही।
Bengaluru और Hyderabad आगे
City-wise Leasing Activity में Bengaluru सबसे आगे रहा। जनवरी-सितंबर अवधि में Bengaluru में 15.7 मिलियन वर्ग फुट Office Space की Leasing हुई, जो कुल मांग का करीब 29 प्रतिशत है। वहीं Hyderabad में Leasing 47 प्रतिशत बढ़कर 9.4 मिलियन वर्ग फुट पहुंच गई। Delhi-NCR में 8.3 मिलियन वर्ग फुट, Mumbai में 7.1 मिलियन वर्ग फुट, Pune में 6.9 मिलियन वर्ग फुट और Chennai में 6 मिलियन वर्ग फुट की मांग दर्ज की गई।
Flexible Workspace की बढ़ी लोकप्रियता
Colliers की रिपोर्ट के अनुसार, Flexible Workspace Leasing में भी तेजी जारी रही। जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान Flex Space Leasing सालाना आधार पर 37 प्रतिशत बढ़कर 12.6 मिलियन वर्ग फुट हो गई। वहीं Conventional Leasing लगभग स्थिर रहकर 41.8 मिलियन वर्ग फुट रही।
Technology कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी
Office Demand में Technology कंपनियों का योगदान सबसे अधिक रहा, जिन्होंने करीब 16 मिलियन वर्ग फुट Space लिया। इसके बाद Banking, Financial Services and Insurance (BFSI) और Engineering एवं Manufacturing कंपनियों की मांग रही।
आगे भी मजबूत रहने की उम्मीद
Colliers के अनुसार, 2026 में प्रमुख Office Markets में Annual Transactions 75-80 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच सकते हैं। हालांकि सितंबर तिमाही के अंत में Overall Vacancy Rate करीब 16 प्रतिशत रही। जनवरी-सितंबर के दौरान नई Office Supply मामूली बढ़कर 41.7 मिलियन वर्ग फुट रही।

