Mumbai,
भारतीय मुद्रा रुपये में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली। रुपया 25 पैसे बढ़कर 92.95 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इस मजबूती के पीछे मुख्य कारण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सरकारी तेल कंपनियों को सीधे डॉलर खरीदने के बजाय विशेष credit सुविधा का उपयोग करने की सलाह माना जा रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 93.20 पर बंद हुआ था, जिसके बाद आज यह मजबूत शुरुआत के साथ खुला। घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल और वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी रुपये को सहारा दिया। हालांकि, वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण रुपये की बढ़त पर कुछ दबाव बना रहा।
कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव
सोना और चांदी के दामों में शुक्रवार को उतार-चढ़ाव देखा गया। सोना वायदा (5 जून) 98 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,250 रुपये प्रति दस ग्राम पर कारोबार करता दिखा, जो 0.06 प्रतिशत की बढ़त है। दिन के दौरान सोना 1,53,301 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा, जबकि निचले स्तर पर यह 1,53,010 रुपये तक फिसला। वहीं, चांदी वायदा (5 मई) में 0.83 प्रतिशत यानी 2,088 रुपये की तेजी आई और यह 2,50,716 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गई। दिन में चांदी का निचला स्तर 2,49,300 रुपये रहा। वस्तु बाजार के जानकारों के अनुसार, बाजार का रुख अभी सतर्क सकारात्मक बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक संकेतकों से कुछ समर्थन मिल रहा है, लेकिन मजबूत तेजी के लिए ऊपरी स्तरों को पार करना जरूरी होगा। चांदी के मामले में भी स्थिति सतर्क बनी हुई है और स्थायी तेजी के लिए अभी और स्पष्ट संकेतों की आवश्यकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड लगभग 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। वहीं, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर तक पहुंच गया। इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम की खबरों और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद से बाजार का माहौल बेहतर हुआ है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सूचकांक सपाट से सकारात्मक रुख के साथ खुले, जिससे रुपये को अतिरिक्त समर्थन मिला।

