Mumbai,
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कम होने की उम्मीदों के कारण देखी गई, जो 28 फरवरी से जारी था। वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जहां शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल भी लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया। हालांकि, इससे पहले के कारोबारी सत्र में वैश्विक मानक कीमतें करीब 5 प्रतिशत बढ़कर 99.39 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुई थीं। इसी तरह, अमेरिकी कच्चा तेल भी 2 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 93.32 डॉलर प्रति बैरल पर समाप्त हुआ था। घरेलू मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कच्चे तेल की कीमतों में 2.6 प्रतिशत तक की गिरावट आई और यह 8,625 रुपये प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया।
सीजफायर की उम्मीद से बाजार में राहत
व्यापारियों के बीच सकारात्मक माहौल तब बना जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने इज़राइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की। साथ ही यह भी कहा गया कि तेहरान ने 20 वर्षों से अधिक समय तक परमाणु हथियार न रखने का प्रस्ताव दिया है। राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में हिज़बुल्लाह को संयम बरतना चाहिए और शांति स्थापित करने का यह एक बड़ा अवसर हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ समझौते के काफी करीब पहुंचने की संभावना है और आने वाले समय में स्थिति स्पष्ट होगी। वैश्विक शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। भारत में प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty ने शुक्रवार को सपाट शुरुआत की। एशियाई बाजारों में कमजोरी देखी गई, जहां प्रमुख सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत तक नीचे कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिका के बाजारों में हल्की बढ़त रही, जहां Nasdaq 0.36 प्रतिशत और S&P 500 0.26 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।

