मुंबई | बिजनेस रेमेडीज
आरबीएल बैंक का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में एकल आधार पर शुद्ध लाभ तीन गुना से अधिक बढक़र 230 करोड़ रुपये रहा। निजी क्षेत्र के इस बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 69 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का शुद्ध लाभ 18 प्रतिशत बढक़र 822 करोड़ रुपये रहा। एक बयान के अनुसार, जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सात प्रतिशत बढक़र 1,671 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि में 1,563 करोड़ रुपये थी। हालांकि, बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) घटकर 4.41 प्रतिशत रह गया, जो एक वर्ष पहले 4.89 प्रतिशत और अक्टूबर- दिसंबर तिमाही में 4.63 प्रतिशत था। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान प्रावधान 14 प्रतिशत घटकर 678 करोड़ रुपये रह गए, जिससे परिचालन लाभ 11 प्रतिशत बढक़र 955 करोड़ रुपये रहा। परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर बैंक ने ऋण पोर्टफोलियो में सुधार दर्ज किया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात मार्च 2026 के अंत तक घटकर 1.18 प्रतिशत रह गया, जो एक वर्ष पहले 2.60 प्रतिशत था। भविष्य की संभावनाओं पर टिप्पणी करते हुए बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर सुब्रमण्यम कुमार ने कहा कि अनुकूल आर्थिक परिस्थितियों के साथ चालू वित्त वर्ष में वृद्धि की रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है।

