नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा FCNR (B) जमा के ज़रिए विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने के लिए हाल में उठाए गए कदमों से, वाह्य क्षेत्र की स्थिति को मज़बूत करने और विदेशी मुद्रा की Liquidity बढ़ाने की दिशा में भारत का सक्रिय और दूरदर्शी दृष्टिकोण रेखांकित होता है। इस पहल से प्रवासी भारतीयों (NRI) की भागीदारी को बढ़ावा और देश के व्यापक आर्थिक विकास के लक्ष्यों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
Ujjivan Small Finance Bank के Retail Liabilities, TASC और TPP प्रमुख Hitendra Jha ने कहा, “RBI के इस बेहद अनुकूल समय पर लिए गए निर्णय से भारत की वित्तीय प्रणाली में भरोसा बढ़ेगा और प्रवासी भारतीयों के लिए देश की वृद्धि की संभावना में भाग लेने का आकर्षक ज़रिया तैयार होगा। इस पहल से बैंकिंग प्रणाली में विदेशी मुद्रा प्रवाह में स्थायित्व आने की उम्मीद है, जिससे वित्तीय स्थिरता में मदद मिलेगी और भारत की वाह्य स्थिति मज़बूत होगी।”
उन्होंने कहा कि Ujjivan SFB नवोन्मेषी, ग्राहक-केंद्रित Banking Solutions के ज़रिए RBI के दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनसे ग्राहकों के लिए दीर्घकालिक स्तर पर प्रभावी मूल्य का निर्माण होता है, साथ ही ये भारत की आर्थिक प्रगति में सार्थक योगदान देते हैं।
Ujjivan SFB, मूल्य-आधारित समाधान प्रदान करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत, अभी तीन से पांच वर्ष की अवधि के लिए Dollar में FCNR (B) जमा पर 7.13% सालाना तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है, जो इस उद्योग में उपलब्ध सबसे प्रतिस्पर्धी दरों में से एक है।
बेहतर FCNR (B) ढांचे से विदेशी मुद्रा भंडार में सकारात्मक योगदान मिलने की आशा है, साथ ही इससे ग्राहकों को सुरक्षित और लाभप्रद निवेश के अवसर भी मिलेंगे। ऐसी पहलों से वैश्विक बचत और निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य के तौर पर भारत की स्थिति और मज़बूत होगी।

