बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर।| जयपुर के घरों को उजाला देने वाली कंपनी का नाम ‘राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड’ है। जैसा कि हम जानते हैं कि विद्युत कंपनियां भयंकर घाटे में काम कर रही हैं। ऐसे में कोतूहल वश मैंने ‘राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड’ के वित्तीय स्वास्थ्य को जानना चाहा। खोजते हुए मुझे कंपनी की 30 सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही की बैलेंस सीट मिली तो मुझे पता चला कि कंपनी पिछली दो तिमाहियों से फायदे में है।
30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 1094.40 करोड़ रुपए के मुकाबले 1104.13 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इसी प्रकार 30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 1838.83 करोड़ रुपए की कर पश्चात शुद्ध हानि के मुकाबले 168.87 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। 30 अप्रैल 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 1091.29 करोड़ रुपए का राजस्व और 169.39 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया था।

30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 2669.15 करोड़ रुपए के मुकाबले 2195.42 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इसी प्रकार 30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 1088.75 करोड़ रुपए की कर पश्चात शुद्ध हानि के मुकाबले 338.27 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। कंपनी के कर्ज में भी कमी दर्ज की जा रही है। 30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में कंपनी का कर्ज इक्विटी अनुपात गत वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज 5.30 गुना के मुकाबले 4.17 गुना पर आ गया है। 30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में कंपनी ने 44 फ़ीसदी का ऑपरेटिंग मार्जिन दर्ज किया है। कंपनी का सबसे ज्यादा खर्च कर्मचारियों पर हो रहा है। 30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने कर्मचारियों की तनख्वाह पर 281.31 करोड़ रुपए खर्च किए। उसके बाद सबसे बड़ा खर्च ब्याज चुकाने पर हो रहा है। 30 सितंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने ब्याज चुकाने पर 275.67 करोड़ रुपए खर्च किए।
धैर्यवर्धन सिंह राजावत

