Thursday, July 9, 2026 |
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Raghav Productivity Enhancers Limited का मार्च तिमाही राजस्व 32.05 फीसदी बढक़र हुआ 51.08 करोड़ रुपए

- कर पश्चात शुद्ध लाभ 27.77 फीसदी बढक़र रहा 10.12 करोड़ रुपए

by Business Remedies
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Raghav Productivity Enhancers Limited

जयपुर। रैमिंग मास के उत्पादन में कार्यरत देश की सबसे प्रमुख कंपनी राघव प्रोडक्टिविटी एन्हांसर्स लिमिटेड ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही और वार्षिक वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं। उक्त अवधि में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन शानदार रहा है।

कंपनी का वित्तीय परिणाम: 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 38.68 करोड़ रुपए के मुकाबले 32.05 फीसदी अधिक 51.08 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 7.91 करोड़ रुपए के मुकाबले 27.77 फीसदी अधिक 10.12 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।

31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 133.14 करोड़ रुपए के मुकाबले 50.93 फीसदी अधिक 200.96 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 25.97 करोड़ रुपए के मुकाबले 42.35 फीसदी अधिक 36.97 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 8.05 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है। बुधवार को कंपनी के बोर्ड मीटिंग में निदेशक मंडल ने शेयरधारकों को 1 रुपए प्रति शेयर का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है।

इसके साथ ही राघव प्रोडक्टिविटी एनहांसर लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी राघव प्रोडक्टिविटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कंपनी के शेयरधारकों को 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए 10 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर 50.00 रुपए का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की गई है।

यह करती है कंपनी: राघव प्रोडक्टिविटी एन्हांसर लिमिटेड (‘आरपीईएल’ जिसे पहले राघव रैमिंग मास लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) सिलिका रैमिंग मास का दुनिया का सबसे बड़ा निर्माता है और भारत में रैमिंग मास का एकमात्र सूचीबद्ध और संगठित निर्माता है। इन वर्षों में, कंपनी ने असंगठित और खंडित बाजार में सबसे बड़े निर्यातक और रैमिंग मास के एकमात्र अखिल भारतीय आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। आरपीईएल 35 से अधिक देशों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की आपूर्ति करता है, कई प्रतिष्ठित इस्पात निर्माताओं और फाउंड्रीज़ को सेवा प्रदान करती है।



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