बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली Punjab National Bank द्वारा प्रधान कार्यालय में अखिल भारतीय अंतर Bank Seminar एवं बैंक के संयोजन में कार्यरत नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों के अध्यक्षों के सम्मेलन का आयोजन प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार से संयुक्त सचिव महोदया आदरणीय डॉ मीनाक्षी जॉली की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बैंक के कार्यपालक निदेशक एम. परमशिवम भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर माननीय मुख्य अतिथि तथा बैंक के शीर्ष कार्यपालकों के कर-कमलों से बैंक के राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘पीएनबी प्रवाह-कृत्रिम बुद्धिमत्ता आलेख संकलन’ का विमोचन भी किया गया। प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि ‘हिंदी देश की राजभाषा है और इसके प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन हेतु पंजाब नैशनल बैंक दृढ़ संकल्पित है।
Punjab National Bank के संयोजन में देश भर में 28 नराकास कार्यरत हैं, जिसका संयोजन कुशलतापूर्वक पंजाब नैशनल बैंक द्वारा किया जा रहा है। देश के अंतिम गाँव और अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवा राजभाषा हिन्दी और क्षेत्रीय भाषा में ही पहुंचाई जा सकती हैं। Punjab National Bank अपने डिजिटल उत्पादों में हिंदी व 13 क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग से अपना कारोबार बढ़ा रहा है और राजभाषा कार्यान्वयन हेतु सदैव प्रतिबद्ध है। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में पंजाब नैशनल बैंक के राजभाषा कार्यान्वयन की प्रशंसा की और कहा कि बैंक राजभाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। पंजाब नैशनल बैंक ने राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में दूसरों के लिए भी आदर्श स्थापित किया है।

