Wednesday, July 8, 2026 |
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दिल की किसी भी बीमारी और सर्जरी के लिए पूर्णत: समर्पित है ‘Priyanka Hospital And Cardiac Centre’: डॉ. जी.एल. शर्मा

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। हाल ही में जयपुर के मानसरोवर में दिल की सभी बीमारियों व अन्य के लिए ‘प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर’ स्थापित हुआ है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने यहां के अध्यक्ष और संस्थापक डॉ. जी.एल. शर्र्मा से उनके व्यक्तिगत अनुभव, अस्पताल की सेवाएं, दिल की बीमारी से बचने के लिए ध्यान योग्य बातें, सुविधाएं और भावी योजना के संबंध में जानकारी हासिल की है।

आपकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि व अनुभव के संबंध में बताइए ?
डॉ. जी.एल. शर्र्मा: मैंने 1992 में जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर से एमबीबीएस और 1995 में एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर से एमडी (जनरल मेडिसिन) की है। फिर 1999 में बीवाईएल नायर चैरिटेबल हॉस्पिटल, मुंबई से प्राथमिक एंजियोप्लास्टी में विशेष रुचि के साथ डीएम कार्डियोलॉजी किया है। इसके साथ ही मैंने 1999 में राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड, दिल्ली से डीएनबी कार्डियोलॉजी भी किया है।

फिर मैंने 1999 से 2000 तक हिंदुजा हॉस्पिटल, मुंबई में एसोसिएट कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट के तौर पर काम करके शुरुआती गहन अनुभव हासिल किया। मैंने 2000 से 2001 तक आईसीपीएस पेरिस में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में फेलोशिप की और यहाँ से ट्रांसरेडियल दृष्टिकोण में प्रशिक्षण प्राप्त किया। फिर मैंने जयपुर के प्रमुख हॉस्पिटल संतोकभा दुर्लभ जी अस्पताल में 2001-2006
तक कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट के तौर पर काम करके गहन अनुभव हासिल किया है। फिर मैं एस.के. सोनी अस्पताल में 2006-2008 तक कैथ लैब के निदेशक और कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष रहा हूं। मैं जयपुर हार्ट इंस्टीट्यूट, जयपुर में 2008-2024 तक निदेशक और मुख्य इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत रहा।

मैंने इजऱाइल के तेलअवीव विश्वविद्यालय के शीबा हार्ट इंस्टीट्यूट में विजिटिंग फेलो की है। मैंने यूरोप और अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में 100 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं। मेरे ट्रांसरेडियल कोरोनरी इंटरवेंशन पर विभिन्न पत्रिकाओं में 200 से अधिक शोधपत्र और सारांश प्रकाशित हुए हैं। अब तक मैंने ट्रांसरेडियल पद्धति से 100,000 से अधिक कोरोनरी एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की हैं। मैंने चीनी, तुर्की और मलेशियाई कार्डियोलॉजी सोसायटी में ट्रांसरेडियल एंजियोप्लास्टी पर अतिथि व्याख्यान दिए हैं। मुझे एशियन पैसिफक़ि सोसाइटी ऑफ़ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की प्रतिष्ठित फ़ेलोशिप से सम्मानित किया गया है। मुझे हाल ही में यंग एंटरटेनमेंट द्वारा सम्मानित किया गया है और जयपुर मेडिकल एसोसिएशन द्वारा डॉक्टर्स डे 2009 पर उद्यमी पुरस्कार दिया गया है। वर्तमान में मैं प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डिक सेंटर में कार्डियोलॉजी विभाग की अध्यक्ष और विभागाध्यक्ष की भूमिका निभा रहा हूं।

‘प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर’ में क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं ?
डॉ. जी.एल. शर्र्मा: ‘प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर’ में कार्डियक साइंस, गायनेकोलॉजी एवं ऑब्सटेट्रिक्स (स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान), इमरजेंसी मेडिसिंस, क्लिनिकल डायग्नोस्टिक्स और ट्रॉमा एवं इमरजेंसी की सेवाएं उपलब्ध हैं। यह हॉस्पिटल दिल की किसी भी बीमारी और सर्जरी के लिए पूर्णत: समर्पित है। जन्मजात बच्चे के दिल के छेद की बीमारी का अस्पताल में विशेषज्ञता के साथ इलाज किया जाता है।

दिल की बीमारी से देश में सबसे ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं। एक हार्ट विशेषज्ञ चिकित्सक के नाते आपकी लोगों को क्या सलाह होगी ?
डॉ. जी.एल. शर्र्मा : देश के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां को समझते हुए हम ‘प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर’ में नियमित रूप से नि:शुल्क जागरूकता, जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन करते रहते हैं। शिविर में हार्ट स्पेशलिस्ट के साथ, डाइटिशियन व अन्य सभी विषय विशेषज्ञ आगंतुकों को प्रभावी परामर्श प्रदान करते हैं। सभी को दिल की बीमारियों से बचने के लिए 21 वर्ष की आयु के बाद बेसिक टेस्ट और 35 वर्ष की आयु के बाद इको, टीएमटी, लिपिड प्रोफाइल, पीएफटी, बीएमआई इत्यादि टेस्ट नियमित रूप से कराने चाहिए। हार्ट की बीमारियों में अर्ली डिटेक्शन यानी कि जल्द पहचान की अहम भूमिका है। उपर बताए गए टेस्ट डॉक्टर को दिल की बीमारी को जल्द पहचान में सक्षम बनाते हैं। इसलिए लोगों को संबंधित टेस्ट समय पर कराने चाहिए।

आपके हॉस्पिटल की सुविधाएं और भावी योजनाओं के संबंध में बताइए?
डॉ. जी.एल. शर्र्मा: ‘प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर’ को स्थापित करने के लिए हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों को किफायती दरों पर दिल की बीमारियों व अन्य बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराने का है। हमारी उम्दा सेवाओं के के बदौलत गत एक वर्ष में हमने लोगों का अच्छा फुटफॉल देखा है। वर्तमान में हॉस्पिटल में 150 बेड और 25 रूम की व्यवस्था है। ऑक्यूपेशन के आधार पर हमारी योजना क्षमता को बढ़ाने की है। हॉस्पिटल में टीपीए कैशलेस इंश्योरेंस की सुविधा उपलब्ध है। एनएबीएच से अस्पताल की ऑडिटिंग हो गई है और जल्द ही हमें आरजीएचएस, सीजीएचएस, रेलवे, आर्मी के लिए उपचार उपलब्ध करवाने की अधिकृत स्वीकृति मिल जाएगी। हमारी योजना प्रमुख विशेषज्ञों के साथ दिल की गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज ‘प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर’ में उपलब्ध करवाने की है। जल्द ही हॉस्पिटल में दिल की बीमारियों के लिए ‘टावी’ ऑपरेशन सुविधा उपलब्ध होने जा रही है।



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