Wednesday, May 20, 2026 |
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प्रीमियम पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी, सामान्य ईंधन दरों में कोई बदलाव नहीं

by Business Remedies
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petrol pump showing increased premium petrol prices in india

New Delhi,

देश की तेल विपणन कंपनियों ने बढ़ती वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के बीच प्रीमियम पेट्रोल के दाम में प्रति लीटर दो रुपए से अधिक की बढ़ोतरी की है। यह बदलाव 20 March से लागू किया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर अब घरेलू बाजार पर भी पड़ने लगा है। सरकारी तेल कंपनियों जैसे हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अपने प्रीमियम पेट्रोल उत्पादों की कीमतों में लगभग 2.09 से 2.35 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। इस संशोधन के बाद पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे ब्रांडेड ईंधन की कीमत लगभग 111.68 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर करीब 113.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है।

हालांकि, आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे रोजमर्रा के उपयोग करने वाले लोगों पर तत्काल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है। 19 March को तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में ऊर्जा ढांचे पर हमले और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 111.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल करीब 99.57 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गया। यह तेजी उस समय आई जब इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया और इसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान औद्योगिक क्षेत्र को निशाना बनाया, जो दुनिया के प्रमुख गैस केंद्रों में से एक है। इस बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।

भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है। फिलहाल कंपनियों ने सामान्य ईंधन की कीमतों को स्थिर रखा है, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि वैश्विक कीमतों का दबाव बढ़ रहा है। उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और तनाव जारी रहता है, तो आने वाले हफ्तों में घरेलू ईंधन दरों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



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