• धीरे-धीरे पूरी दुनिया के 80–90% लोग सनातन को फॉलो करेंगे : Swami Ramdev
• पतंजलि के कारण FMCG कंपनियों को मजबूरन बेतहाशा मूल्य वृद्धि रोकनी पड़ी : Acharya Balkrishna
• पतंजलि की सेवा यात्रा संघर्षकारी रही, उतार-चढ़ाव और संघर्षों के बीच यात्रा आगे बढ़ती रही : Acharya Balkrishna
Haridwar, 05 January। Patanjali Yogpeeth के 32वें स्थापना दिवस पर Patanjali Yogpeeth के संस्थापक अध्यक्ष Swami Ramdev और महामंत्री Acharya Balkrishna ने योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, सनातन धर्म, सनातन शिक्षा, सनातन चिकित्सा, सनातन अनुसंधान, सनातन कृषि, गौमाता एवं भारत माता की सेवा के माध्यम से परम वैभवशाली विकसित भारत के निर्माण हेतु समस्त ऋषि-ऋषिकाओं के वंशधरों से आह्वान किया।
इस अवसर पर Swami Ramdev ने कहा कि पतंजलि आज विश्व का सबसे पावन संस्थान और मानवता के लिए शुभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पतंजलि की आत्मा सनातन की आत्मा है। उन्होंने Patanjali Yogpeeth के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, सनातन धर्म, सनातन शिक्षा, सनातन चिकित्सा, सनातन कृषि व्यवस्था और सनातन जीवन पद्धति को अपने जीवन में गौरव दें और इसके माध्यम से अपने भीतर असीम ज्ञान, अनंत-असीम भक्ति और अनंत-असीम प्रचंड सामर्थ्य को जागृत करें। उन्होंने कहा कि हमें सदैव स्मरण रखना चाहिए कि हम ऋषि-ऋषिकाओं के वंशधर हैं और हमारे जीवन से ऋषित्व, देवत्व, ब्रह्मत्व, रामत्व, कृष्णत्व, हनुमत तत्व, शिवत्व और वेद तत्व प्रकट होने चाहिए।
Swami Ramdev ने कहा कि जिस दिन Patanjali Gurukulam, Acharyakulam, विश्वविद्यालय और Indian Education Board की फसल पूरी तरह तैयार हो जाएगी, उस दिन भारत की currency डॉलर, पाउंड और यूरो से ऊपर होगी। भारतीय जीवन पद्धति, भारतीय मानदंडों, संस्कृति-पर्व और भारतीय पासपोर्ट की value पूरी दुनिया में बढ़ जाएगी और दुनिया के लगभग 200 देश भारत से visa नहीं मांगेंगे।
उन्होंने कहा कि सनातन जीवन मूल्यों में श्रद्धा रखने वाले पूरी दुनिया में 200–250 करोड़ से अधिक लोग तैयार हो रहे हैं और धीरे-धीरे पूरी दुनिया के 80–90% लोग सनातन को फॉलो करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत को परम वैभवशाली बनाना हम सभी का कर्तव्य है और यह शौर्य, वीरता और पराक्रम से बनेगा। Swami Ramdev ने कहा कि भारत के सशक्त होने से Pakistan और Bangladesh थर-थर कांपेंगे। उन्होंने America के President Donald Trump द्वारा Venezuela के President Nicolas Maduro और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी को गैर-लोकतांत्रिक बताया।
उन्होंने कहा कि आज भारत के बच्चे शिक्षा के लिए America, Canada, Britain, Europe, Australia और Russia जैसे देशों में जाते हैं, जबकि Patanjali Gurukulam आज स्वयं पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन चुका है। उनका लक्ष्य है कि दुनिया के लगभग 200 देशों से 15–20 हजार विद्यार्थी Patanjali Gurukulam, Acharyakulam और Patanjali University में अध्ययन के लिए आएँ। शिक्षा सेवाओं के दूसरे चरण में Patanjali Global Gurukulam और Patanjali Global University में education की सभी branches स्थापित की जाएँगी।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही global spiritual practice बनेगी। सनातन जीवन पद्धति ही विश्व जीवन पद्धति बनेगी, Indian Education Board विश्व को नई शिक्षा देने वाला बोर्ड बनेगा और योग, आयुर्वेद व नेचुरोपैथी विश्व चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित होंगी। यह युग की माँग है और बहुत शीघ्र होने वाला है।
कार्यक्रम में Acharya Balkrishna ने ट्रस्ट की स्थापना से लेकर विभिन्न चुनौतियों, संघर्षों और झंझावातों के बीच पतंजलि की सेवा यात्रा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने Swami Ramdev के अखंड-प्रचंड पुरुषार्थ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विशाल सेवा संकल्प के पीछे उनकी दूरदृष्टि ही रही है।
Acharya Balkrishna ने कहा कि पतंजलि की सेवा यात्रा संघर्षकारी रही है, अनेक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रही। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में बाधाएँ डालने वालों से अधिक सहयोग करने वाली शक्तियाँ मिलीं। बीते तीन दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अनुसंधान के क्षेत्र में पतंजलि की प्रगति आसान नहीं रही। उन्होंने कहा कि पतंजलि के कारण FMCG कंपनियों को मजबूरन बेतहाशा मूल्य वृद्धि रोकनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि बिना सरकारी सहयोग के पतंजलि ने देश में कई ऐतिहासिक कार्य किए। कृषि क्षेत्र में पतंजलि के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 19 राज्यों में organic farmer training program चलाने वाला पतंजलि पहला संस्थान था। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा चयनित 22 समृद्ध किसानों में से पाँच किसान पतंजलि द्वारा प्रशिक्षित थे। उन्होंने बताया कि गाय के घी सहित अनेक उत्पादों के माध्यम से पतंजलि ने देश में व्यापक परिवर्तन लाया है और पतंजलि को दबाने का जितना प्रयास किया जाएगा, यह अभियान उतनी ही गति और ऊर्जा से आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में पतंजलि के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने योग, मल्लखंब, कुश्ती, martial arts, boxing, judo-karate आदि की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर संगठन स्तर पर कई सेवाभावी व्यक्तियों को नई जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गईं।
कार्यक्रम में Patanjali Yogpeeth की विभिन्न इकाइयों के प्रमुख, अधिकारीगण, योगी योद्धा, संन्यासी, साध्वी बहनें, कर्मयोगी, शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित रहे।

