नई दिल्ली,
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के तेज विस्तार के साथ वैश्विक प्रौद्योगिकी उद्योग में वेतन और लाभ-साझेदारी का मुद्दा लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इसी बीच एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सन हुआंग ने कहा है कि कर्मचारियों को जितना संभव हो, उतना अधिक भुगतान किया जाना चाहिए ताकि वे भी एआई आधारित निवेश से हो रही तेज वृद्धि का लाभ उठा सकें। ताइपेई में आयोजित कंप्यूटेक्स कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में हुआंग ने कहा कि कंपनियों की प्रगति में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और इसलिए उन्हें बेहतर वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने कर्मचारियों को अपनी क्षमता के अनुसार अधिकतम भुगतान करने का प्रयास करते हैं। हुआंग का यह बयान ऐसे समय आया है जब एशिया की कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों पर कर्मचारियों का दबाव बढ़ रहा है। कर्मचारी चाहते हैं कि एआई अवसंरचना से होने वाले बढ़ते मुनाफे में उन्हें भी अधिक हिस्सा मिले।
हाल ही में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने श्रमिक संघ के सदस्यों के साथ एक मुआवजा समझौता किया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते के तहत चिप इंजीनियरों को लगभग ₹.3.4 करोड़ तक का बोनस दिया जा सकता है। इस कदम से कंपनी संभावित श्रमिक विवादों और कामकाज में बाधा से बचने में सफल रही है। इसी तरह ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी) ने भी कर्मचारियों की वेतन संबंधी चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है। पिछले सप्ताह कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी.सी. वेई ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन भुगतान की वृद्धि इस वर्ष और तेज होगी।
वेतन के अलावा कर्मचारियों के बीच एक और चिंता तेजी से बढ़ रही है। कई लोगों को आशंका है कि भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कुछ नौकरियों की जगह ले सकती है। हालांकि, उद्योग जगत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि एआई नई नौकरियों और अवसरों का भी सृजन करेगा। इस वर्ष कंप्यूटेक्स के प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे हुआंग ने कार्यक्रम के दौरान कई नए उत्पादों का भी अनावरण किया। एनवीडिया लगातार अपने एआई पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार कर रही है और हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर तथा एआई अवसंरचना के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत बना रही है।
इससे पहले वर्ष की शुरुआत में कैलिफोर्निया के सैन होजे में आयोजित कंपनी के वार्षिक जीटीसी कार्यक्रम में हुआंग ने अनुमान जताया था कि 2027 तक एनवीडिया की एआई चिप से होने वाली आय ₹.85 लाख करोड़ से अधिक के स्तर तक पहुंच सकती है। इसके पीछे ब्लैकवेल और वेरा रुबिन जैसी अगली पीढ़ी की एआई प्रणालियों की बढ़ती मांग को प्रमुख कारण बताया गया था। जेन्सन हुआंग ने एआई को अपनाने की रफ्तार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले 2 वर्षों में कंप्यूटिंग की मांग लगभग 10 लाख गुना तक बढ़ गई है। इसके साथ ही उन्होंने एनवीडिया की उस रणनीति का उल्लेख किया, जिसके तहत कंपनी हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और एआई अवसंरचना को एकीकृत करते हुए एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रही है।

