Wednesday, July 8, 2026 |
Home CommodityNCDEX ने भारत का पहला मौसम डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट ‘रेनमुंबई’ लॉन्च किया

NCDEX ने भारत का पहला मौसम डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट ‘रेनमुंबई’ लॉन्च किया

by Business Remedies
0 comments

मुंबई | बिजनेस रेमेडीज

एग्रीकल्चर कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX ने भारत का पहला एक्सचेंज ट्रेडेड मौसम डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट ‘रेनमुंबई’ लॉन्च कर दिया है। इस कॉन्ट्रैक्ट को पहले ही सेबी की मंजूरी मिल चुकी है। एक्सचेंज की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 29 मई से एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होगा।

एनसीडीईएक्स द्वारा जारी बयान में कहा गया कि यह पहल मानसून की अनिश्चितता को एक अप्रत्याशित चुनौती से बदलकर वैज्ञानिक और विनियमित ढांचे के अंतर्गत मापने योग्य, प्रबंधनीय और व्यापार योग्य जोखिम में परिवर्तित करेगी। एक्सचेंज ने बताया कि IIT Bombay के सहयोग से विकसित यह उत्पाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक डेटा पर आधारित है। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को बारिश में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान से सुरक्षा प्रदान करना है।

एनसीडीईएक्स के अनुसार, वर्षा आधारित डेरिवेटिव ऐसा अनुबंध होता है, जिसका भुगतान किसी निर्धारित अवधि के दौरान किसी विशेष स्थान पर दर्ज वास्तविक वर्षा पर निर्भर करता है। एक्सचेंज ने बताया कि वर्षा का मापन वर्षामापी यंत्रों और स्वचालित मौसम स्टेशनों के माध्यम से किया जाता है। यह प्रक्रिया भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मानकों के अनुसार सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटे के चक्र में दर्ज की जाती है। ‘रेनमुंबई’ मानसून सीजन के दौरान जून से सितंबर तक मुंबई में होने वाली वर्षा में दीर्घकालिक औसत से होने वाले बदलावों पर निगरानी रखेगा। यह प्रणाली वैज्ञानिक रूप से तैयार संचयी विचलन वर्षा मॉडल पर आधारित है। इसके तहत भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के सतही वर्षा डेटा तथा सांताक्रूज और कोलाबा स्थित स्वचालित मौसम स्टेशनों के आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा। इन आंकड़ों की तुलना वर्ष 1991 से 2020 तक के 30 वर्षों के ऐतिहासिक डेटा से की गई है।

एक्सचेंज ने बताया कि यह व्यवस्था पूरी तरह नकद निपटान आधारित होगी। इसे इस प्रकार तैयार किया गया है कि बिना किसी भौतिक हानि आकलन के पारदर्शी और डेटा आधारित निपटान सुनिश्चित किया जा सके। इससे जोखिम प्रबंधन प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी। एनसीडीईएक्स ने कहा कि यह उत्पाद किसानों, निर्माण कंपनियों, बिजली कंपनियों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों और कृषि ऋण से जुड़े बैंकों सहित कई क्षेत्रों के हितधारकों के लिए उपयोगी साबित होगा। यह जोखिम प्रबंधन का ऐसा आधुनिक साधन है, जो बीमा और सरकारी राहत उपायों जैसे पारंपरिक तंत्रों को मजबूती देने के साथ उनसे आगे बढ़कर समाधान प्रदान करता है।

एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Arun Raste ने कहा कि भारत सदियों से मानसून की अनिश्चितता का सामना करता आया है। ‘रेनमुंबई’ प्रत्येक हितधारक को इस अनिश्चितता को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए वैज्ञानिक और विनियमित साधन उपलब्ध कराएगा।



You may also like

Leave a Comment