जयपुर, अप्रैल 2025: बचपन के समग्र विकास और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, Vedanta Group के Nand Ghar ने Project ‘Bal-vardhan‘ लॉन्च किया है। यह एक खास पहल है, जो बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित, तकनीकी और समुदाय-प्रेरित समाधानों की मदद से काम करेगी। इस योजना को एक समग्र दृष्टिकोण से लागू किया जाएगा। Nand Ghar, Anil Agarwal Fondation की प्रमुख सामाजिक पहल है, जो देश में आंगनवाड़ी प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक आदर्श परियोजना के रूप में कार्य कर रही है। यह परियोजना अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान कर आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाती है। उन्नत अवसंरचनात्मक सुविधाओं के साथ-साथ, नंद घर में स्मार्ट शिक्षा उपकरण, इंटरएक्टिव ई-लर्निंग मॉड्यूल, BaLA डिज़ाइन और स्मार्ट टीवी शामिल हैं, जो 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक और प्रभावी बनाते हैं।”
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने नंदघर के सीईओ श्री शशि अरोड़ा की उपस्थिति में प्रोजेक्ट बालवर्धन का औपचारिक शुभारंभ किया और उसके म्नेमोनिक (प्रतीक चिन्ह) का अनावरण किया।” इस परियोजना से धौलपुर जिले में 0-6 वर्ष के 80 हजार से अधिक बच्चों तथा 15,000 से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं को लाभ पहुँचेगा। धौलपुर जिले को ‘आकांक्षी’ और ‘उत्कर्ष’ जिले के रूप में पहचान मिली है, जहाँ 800 से अधिक आँगनवाड़ियों को नंद घर में बदला जा चुका है। राजस्थान में अब तक 4,800 से अधिक नंद घर विकसित किये जा चुके हैं। 25,000 तक बढ़ाने की योजना के साथ यह पहल बच्चों और माताओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है।”
Project ‘Bal-vardhan के बारे में, श्रीमती दीया कुमारी, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप, राजस्थान सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और पोषित होकर अपना भविष्य सँवार सके। नंद घर का प्रोजेक्ट बलवर्धन हमारी आँगनवाड़ी व्यवस्था को और भी मज़बूत बनाने की एक बड़ी पहल है। इसमें नई तकनीक, ज़रूरत के हिसाब से मदद, सही डेटा और लोगों की भागीदारी से काम किया जा रहा है। यह बच्चों के जीवन की शुरुआत में ही बेहतर बदलाव लाने के हमारे संकल्प को दर्शाता है। हमारी सरकार का यह वादा है कि सिर्फ सोचेंगे नहीं, बल्कि ऐसा काम करेंगे, जिससे हर बच्चा ना सिर्फ जीए, बल्कि आगे बढ़े और तरक्की करे।”
प्रिया अग्रवाल हेब्बर, Hindustan Zinc Limited की चेयरपर्सन और vedanta Limited की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ने कहा, Project ‘Bal-vardhan बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्षों को सँवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। धौलपुर में 800 से अधिक नंद घरों का निर्माण किया जा रहा है, जो 80 हजार से अधिक बच्चों और माताओं को लाभ पहुँचेगा, और यह आँगनवाड़ी व्यवस्था को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा के साथ मज़बूत करेगा। नवाचार और साझेदारी पर आधारित एक विस्तार योग्य मॉडल बनाकर, हम कुपोषण से लड़ने और प्रारंभिक बाल शिक्षा को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। राजस्थान सरकार के साथ मिलकर, हम सिर्फ सेवा के केंद्र ही नहीं, बल्कि हमारे समुदायों के लिए आशा की किरण भी बना रहे हैं।”
Bal-vardhan मुख्य रूप से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और समुदाय में जागरूकता बढ़ाने को प्राथमिकता देता है। इसके तहत, एक लक्षित SBC जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जो पोषण सुधार और स्वास्थ्य निगरानी के साथ-साथ बच्चों के समग्र विकास के लिए प्रारंभिक शिक्षा और देखभाल पर भी ध्यान देगा। इस प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी और मूल्यांकन के माध्यम से निरंतर परखा और सुधार किया जाएगा।

