June Expiry के उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान निवेशकों में मुनाफावसूली और चुनिंदा क्षेत्रों में बिकवाली देखने को मिली। हालांकि, फार्मा और रियल्टी क्षेत्र के शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बीच भी मजबूती बनाए रखी।
दिन के अंत में Sensex और Nifty दोनों निचले स्तर पर बंद हुए। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला, जबकि उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और रियल्टी क्षेत्र में खरीदारी का माहौल रहा। Nifty में सबसे अधिक गिरावट दर्ज करने वाले शेयरों में आइशर मोटर्स, इन्फोसिस, टाटा कंज्यूमर, टीसीएस और विप्रो शामिल रहे। दूसरी ओर, बढ़त हासिल करने वाले प्रमुख शेयरों में मारुति सुज़ुकी, टाइटन कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।
क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक में 2.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, तेज़ी से बिकने वाले उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र का सूचकांक 0.6प्रतिशत नीचे बंद हुआ और मीडिया सूचकांक में 0.8प्रतिशत की कमजोरी रही। इसके विपरीत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और रियल्टी क्षेत्र के सूचकांकों में 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे इन क्षेत्रों ने बाजार की गिरावट के बीच बेहतर प्रदर्शन किया।
व्यापक बाजार में भी मिश्रित रुख देखने को मिला। Nifty मिडकैप सूचकांक 0.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty स्मॉलकैप सूचकांक में 1प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि बड़े शेयरों में दबाव रहने के बावजूद मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रही।

