Monday, June 29, 2026 |
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West Asia तनाव के बीच गिरावट के साथ बंद हुए Sensex और Nifty, ऑटो और सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों ने बढ़ाया दबाव

by Business Remedies
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Sensex And Nifty Close Lower Amid West Asia Tensions With Auto And IT Stocks Under Pressure

मुंबई : सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। West Asia में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार पर पूरे दिन दबाव बना रहा। विशेष रूप से ऑटो, सूचना प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक कमजोर होकर बंद हुए।

कारोबार के अंत में Sensex 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत टूटकर 23,946.25 पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार Nifty के लिए 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बाधा बना हुआ है। इसके ऊपर 24,100 से 24,200 का दायरा मजबूत बिकवाली क्षेत्र माना जा रहा है। यदि Nifty इन स्तरों को पार करने में सफल होता है, तभी बाजार में मजबूती लौटने की संभावना बढ़ेगी।

दूसरी ओर गिरावट की स्थिति में 23,900 का स्तर तत्काल सहारा माना जा रहा है, जबकि इसके नीचे 23,800 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इन स्तरों के ऊपर टिके रहना बाजार में और अधिक कमजोरी आने से रोकने के लिए आवश्यक होगा। West Asia में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी वजह से अधिकांश निवेशकों ने जोखिम लेने के बजाय सतर्क रुख अपनाया। इसका असर लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर दिखाई दिया और व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिली।

दिनभर के कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे Nifty पर अतिरिक्त दबाव बना। व्यापक बाजार भी दबाव में रहा। Nifty MidCap सूचकांक 0.37 प्रतिशत और Nifty SmallCap सूचकांक 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे स्पष्ट है कि केवल बड़ी कंपनियों के ही नहीं बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली का माहौल बना रहा।

हालांकि सभी क्षेत्रों में कमजोरी नहीं रही। औषधि क्षेत्र के शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और Nifty Pharma सूचकांक में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा Nifty Metal और Nifty Healthcare सूचकांकों में भी चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन क्षेत्रों ने बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। इसके विपरीत Nifty Auto, Nifty Chemical और Nifty Oil And Gas सूचकांक सबसे कमजोर क्षेत्रों में शामिल रहे। इन क्षेत्रों में लगातार बिकवाली के चलते निवेशकों का भरोसा कमजोर दिखाई दिया।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर West Asia से जुड़ी घटनाओं के साथ-साथ घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर बनी रहेगी। इन घटनाक्रमों के आधार पर बाजार की अगली दिशा तय होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रमुख स्तरों के आसपास लगातार मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। इसके पीछे निवेशकों की यह चिंता भी है कि US-Iran के बीच हुआ अंतरिम शांति समझौता लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा या नहीं। यही अनिश्चितता फिलहाल बाजार की चाल को प्रभावित कर रही है।



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