बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। सांसारिक मोह माया को तज कर आगामी 7 फरवरी को 4 मुमुक्षु संयम मार्ग अपनाएंगे।
गुंजायमान हुआ पंडाल, लगे गुरु भगवन्तों के जयकारे: झीलों की नगरी उदयपुर में चल रहे चातुर्मास में जैन जगत की दिव्य विभूति, नानेश पट्टधर, जैनाचार्य प्रवर विजयराज म.सा. एवं उपाध्याय प्रवर जितेश मुनि म. सा. की पावन निश्रा में मैसूर निवासी 14 वर्षीय मुमुक्षु विरल हिंगड़ का आज्ञा पत्र गुरु चरणों में पारिवारिक जनों ने समर्पित किया। जैसे ही गुरु चरणों में मुमुक्षु विरल हिंगड़ का आज्ञा पत्र समर्पित हुआ। प्रवचन पांडाल ने उपस्थित श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाओं ने आचार्य विजयराज की जय जयकारों से पंडाल को गुंजायमान कर दिया।
जयपुर संघ के संरक्षक प्रदीप गुगलीया एवं महामंत्री नवीन लोढ़ा ने बताया कि आचार्य भगवन ने प्रवचन सभा में मुमुक्षु विरल की दीक्षा रखे जाने वाले सभी आगारो के साथ 7 फरवरी 2025 को जयपुर में करने की घोषणा की है।
संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अतुल मुणोत व उपाध्यक्ष सुनील मेहता ने बताया कि मुमक्षु विरल हिंगड़ के आज्ञापत्र से अब जयपुर में तीन की बजाय चार दीक्षा होगी। दीक्षा की घोषणा होते ही जयपुर संघ में खुशी की लहर दौड़ गई। सम्पूर्ण जैन समाज में बहुत हर्षोल्लास का वातावरण बन गया।

