New Delhi,
केंद्र सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में MSP के तहत खरीद व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है, वहीं बिहार में पहली बार दलहन की संगठित खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है। यह पहल ‘आत्मनिर्भर दलहन मिशन’ के तहत लागू की गई है, जिसका उद्देश्य देश में दलहन उत्पादन को बढ़ाना और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना है। सरकार ने प्रधानमंत्री-आशा योजना के अंतर्गत MSP खरीद को मजबूत किया है, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ लिमिटेड (एनसीसीएफ) और राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नाफेड) की अहम भूमिका रही है। इन संस्थाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ में किसानों से सीधे उपज की खरीद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बिहार में पहली बार एनसीसीएफ द्वारा मसूर दाल की व्यवस्थित खरीद शुरू की गई है। यह कदम राज्य को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस योजना के तहत वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिसके लिए मान्यता प्राप्त गोदामों का उपयोग केंद्रीय भंडारण निगम के सहयोग से किया जा रहा है। 22 April 2026 तक बिहार में मसूर की खरीद के लिए 32,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 16 प्राथमिक कृषि साख समितियां और किसान उत्पादक संगठन पंजीकृत किए गए हैं, 59 किसानों को जोड़ा गया है और 100.4 मीट्रिक टन मसूर की खरीद पूरी की जा चुकी है।
नाफेड भी मूल्य समर्थन योजना के तहत अपने सहकारी नेटवर्क के जरिए पूरे राज्य में खरीद गतिविधियों को विस्तार देने की तैयारी कर रहा है। इससे आने वाले समय में अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री-आशा योजना के अंतर्गत खरीद कार्य में तेजी आई है। किसानों की भागीदारी को डिजिटल माध्यम से बढ़ाने के लिए ई-सम्युक्ति पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, जागरूकता अभियान, गांव स्तर तक संपर्क और दूरदर्शन के माध्यम से जानकारी प्रसारित की जा रही है। राज्य में वर्तमान में 85 खरीद केंद्र सक्रिय हैं, जहां धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ जिलों में खरीद प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया जिलों में भी इस व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, एनसीसीएफ और नाफेड दोनों राज्यों में अपनी गतिविधियों को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बाजार में कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी, साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा। मंत्रालय ने कहा कि ये पहलें MSP आधारित खरीद प्रणाली को मजबूत करने, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और उन्हें संगठित आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। साथ ही, खरीद ढांचे और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से पारदर्शिता, कार्यकुशलता और पहुंच में भी सुधार होने की उम्मीद है।




