बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
अकादमिक उपलब्धियों के शानदार जश्न में, Manipal University जयपुर ने 19 और 20 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर में अपने बहुप्रतीक्षित 11वें दीक्षांत समारोह की मेजबानी की। इस कार्यक्रम में 2023-2024 बैच के स्नातक वर्ग को सम्मानित किया गया। जिसमे स्नातक विद्यार्थियों सहित उनके अभिभावक एवं विशिष्ट अतिथि सम्मिलित हुए।
दीक्षांत समारोह की शुरुआत शैक्षणिक पद संचालन के साथ हुई, जिसमें NETF और EC-NAAC & NBA के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनिल सहस्रबुद्धे 19 अक्टूबर को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सतत विकास के पक्षधर और जलवायु नेता सुरेश प्रभु सम्मानित अतिथि के रूप में शिरकत किया। मणिपाल एजुकेशन एण्ड मेडिकल ग्रुप (एमईएमजी) के चेयरमैन डॉ. रंजन पई, मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के चेयरपर्सन एस. वैथीस्वरन, मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर के अध्यक्ष प्रो. नीति निपुण शर्मा, प्रो-प्रेसिडेंट (नामित) प्रो. (डॉ.) करुणाकर कोटेगर, रजिस्ट्रार प्रो. नीतू भटनागर, परीक्षा नियंत्रक प्रो. दसारी नागराजू, सभी संकायों के डीन और विभिन्न स्कूलों के निदेशक शैक्षणिक पद संचालन का हिस्सा थे। इसी तरह, दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक मुनीश शारदा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एमयूजे के अध्यक्ष एस वैथीस्वरन ने दीक्षांत समारोह की शुरुआत की घोषणा की। दीक्षांत समारोह में कई उल्लेखनीय क्षण देखने को मिले। स्नातकों को इंजीनियरिंग, वास्तुकला, प्रबंधन, विज्ञान, वाणिज्य, मानविकी, पत्रकारिता और कानून आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 3024 डिग्रियां प्रदान की गई। जिसमें 2609 स्नातक, 327 स्नातकोत्तर और 87 पीएचडी छात्र शामिल थे। इनके अलावा दो दिनों में विभिन्न विभागों के मेधावी छात्रों को 49 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके साथ ही, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं में विश्वविद्यालय के खेल उपलब्धि हासिल करने वालों को मान्यता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे ने छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए, जबकि पीएचडी की डिग्री विशिष्ट अतिथि श्री सुरेश प्रभु ने प्रदान की। इसी तरह खेल सम्मान एमयूजे के चेयरपर्सन एस्. वैशिश्वरन ने प्रदान किया।
समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे ने स्नातकों और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर द्वारा अपने डेढ़ दशक के अस्तित्व के दौरान की गई जबरदस्त प्रगति पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, कि इस छोटी सी अवधि में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अपने दीक्षांत भाषण में प्रो. सहस्रबुद्ध ने छात्रों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया और कहा, सीखते रहो, अपना कद बढ़ाओ और जो कुछ तुमने पाया है उससे अधिक समाज को वापस देने का प्रयास करो। आप सभी आग्यशाली है क्योंकि आपको मणिपाल विश्वविद्यालय से उत्कृष्ट शिक्षा मिली है जो छह दशकों से अधिक समय से कर्नाटक में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक स्नातक छात्र को आजीवन जिज्ञासु और शिक्षार्थी रहना चाहिए। और राष्ट्रीय विकास में भागीदार होना चाहिए। इस अवसर पर एमयूजे के अध्यक्ष श्री एस वैथौस्वरन ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
सम्मानित अतिथि सुरेश प्रभु ने स्नातकों से पृथ्वी के भविष्य की देखभाल करते हुए सतत विकास मैं अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्हें एमईएमजी के अध्यक्ष डॉ रंजन पई ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
Manipal University जयपुर के अध्यक्ष प्रो. एन एन शर्मा ने बहुत ही कम समय के दौरान विश्वविद्यालय की यात्रा और इसकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एमयूजे ने एनआईआरएफ रैंकिं 2024 में उल्लेखनीय सुधार किया है और 64वां रैंक हासिल किया है।” विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में 64वें, प्रबंधन में 73वें, विधि में 29वें तथा वास्तुकला में 33वां स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है की एमयूजे को तीन इंजीनियरिंग स्नातक कार्यक्रमों तथा एमबीए कार्यक्रम को एनबीए मान्यता प्राप्त है। यह गुणवतापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार तथा राष्ट्रीय विकास के मिशन में उत्कृष्टता के प्रति एमयूजे की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

