बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। पेंशन कोष नियामक पीएफआरडीए युवाओं के बीच नई पेंशन व्यवस्था (एनपीएस) को आकर्षक बनाने के लिए ‘New Balanced Life Cycle Fund’ पेश करने की तैयारी में है। इससे सेवानिवृत्ति तक अंशधारक को एक अच्छा-खासा कोष बनाने में मदद मिलेगी। पीएफआरडीए की इस प्रस्तावित योजना के तहत इक्विटी कोष में लंबे समय तक अधिक निवेश राशि आवंटित की जा सकेगी। इस योजना के अंतर्गत अंशधारक के 45 साल का होने पर इक्विटी निवेश में धीरे-धीरे कमी आएगी जबकि अभी 35 साल से यह कटौती शुरू हो जाती है।
पेंशन कोष विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन दीपक मोहंती ने कहा, ‘‘हम अधिक लंबे समय तक इक्विटी शेयर फंड में निवेश आवंटित करने को लेकर दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में ‘New Balanced Life Cycle Fund’ लेकर आएंगे। उन्होंने अटल पेंशन योजना से संबंधित एक कार्यक्रम में कहा कि एनपीएस की गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए लाई जाने वाली इस नई योजना के अंतर्गत 45 साल के उम्र से इक्विटी निवेश में धीरे-धीरे कमी आएगी जबकि अभी 35 साल से ही यह कटौती शुरू हो जाती है। ऐसा होने पर एनपीएस का विकल्प चुनने वाले लोग लंबे समय तक इक्विटी कोष में अधिक राशि का निवेश कर सकेंगे। इससे दीर्घकाल में पेंशन कोष बढ़ेगा जबकि जोखिम और रिटर्न के बीच संतुलन भी स्थापित होगा।
वर्तमान में अभी तीन ‘Life Cycle’ (एलसी) कोष हैं। इन्हें एलसी 75, एलसी 50 और एलसी 25 के नाम से जाना जाता है। ये ‘लाइफ साइकिल’ कोष ग्राहकों को निवेश का एक विकल्प प्रदान करते हैं। इसके तहत निवेशक इक्विटी और बॉन्ड में निवेश की जाने वाली राशि के आवंटन का विकल्प चुनते हैं। मोहंती ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) का जिक्र करते हुए कहा कि बीते वित्त वर्ष 2023-24 में एपीवाई से 1.22 लाख नये अंशधारक जुड़े। योजना शुरू होने के बाद से किसी एक वित्त वर्ष में अब तक की यह सर्वाधिक संख्या है। इनमें 52 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 1.3 करोड़ अंशधारकों के इस योजना से जुडऩे की उम्मीद है।
मोहंती ने कहा कि जून 2024 तक एपीवाई से जुडऩे वाले अंशधारकों की कुल संख्या 6.62 करोड़ को पार कर जाने का अनुमान है। यह महिला और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। वहीं एनपीएस (गैर-सरकारी) के तहत पंजीकरण 2023-24 में 9.7 लाख रहा और चालू वित्त वर्ष में इसके 11 लाख तक पहुंच जाने का अनुमान है। मोहंती ने कहा कि बाजार के सामान्य रूप से काम करने पर अटल पेंशन योजना समेत कुल कोष 2024-25 में बढक़र 15 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है जो वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में 12.4 लाख करोड़ रुपये था।

