बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भी मजबूत बनी रही। Ministry of Statistics and Programme Implementation द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 7.4 प्रतिशत से अधिक है।
यह पहली बार है जब सरकार ने नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार जीडीपी आंकड़े जारी किए हैं। इससे पहले आधार वर्ष 2011-12 था। मंत्रालय के मुताबिक, तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रही।
जीवीए में भी मजबूत बढ़त
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में रियल ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (GVA) 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि नॉमिनल जीवीए में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने सबसे अधिक 13.3 प्रतिशत की जीवीए वृद्धि दर दर्ज की। इसके अलावा ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्यूनिकेशन, ब्रॉडकास्टिंग और स्टोरेज श्रेणी में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं फाइनेंशियल, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज श्रेणी की वृद्धि दर 11.2 प्रतिशत रही।
तीसरी तिमाही में नॉमिनल जीवीए में तृतीयक (सेवा) क्षेत्र की हिस्सेदारी 52.9 प्रतिशत रही, जबकि द्वितीयक (उद्योग) क्षेत्र की हिस्सेदारी 24.8 प्रतिशत और प्राथमिक (कृषि व संबद्ध) क्षेत्र की हिस्सेदारी 22.3 प्रतिशत दर्ज की गई।
पूरे वित्त वर्ष के लिए अनुमान
मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दूसरा अग्रिम अनुमान भी जारी किया है, जिसमें जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
वित्त वर्ष 2024-25 में जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही थी। वित्त वर्ष 2025-26 में नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 8.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 में रियल जीवीए की वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 7.3 प्रतिशत थी। नॉमिनल जीवीए वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र की बढ़त के चलते अर्थव्यवस्था की गति बरकरार है, जो आने वाले महीनों में भी विकास की रफ्तार को समर्थन दे सकती है।

