बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। आज के युवा सिर्फ महंगी गाडिय़ां, ब्रांडेड कपड़े या लग्जरी गैजेट्स खरीदने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्मार्ट इन्वेस्टमेंट भी कर रहे हैं। युवा ऐसी संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं जो लंबी अवधि में स्थिरता और बेहतर रिटर्न दे सकें। खासकर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की नई पीढ़ी अब लग्जरी प्रॉपर्टी को सिर्फ एक घर के तौर पर नहीं, बल्कि एक मजबूत वित्तीय एसेट और लाइफस्टाइल अपग्रेड के रूप में देख रही है।
नाइट फ्रैंक की ‘नेक्स्ट जेनरेशन सर्वे’ रिपोर्ट के मुताबिक, 18 से 35 साल के उच्च आय वर्ग के 25.7% युवा प्रीमियम प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक हैं। इसका मतलब यह है कि युवा अब महंगे शौक पूरे करने के साथ-साथ फ्यूचर सिक्योरिटी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। खासकर दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में लग्जरी प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें यह दर्शाती हैं कि आने वाले समय में यह सेगमेंट और ज्यादा आकर्षक बनने वाला है।
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का कहना है कि लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट में निवेश का एक प्रमुख कारण इसकी स्थिरता और दीर्घकालिक लाभ हैं। युवा पीढ़ी अब केवल किराए पर रहने की बजाय खुद की प्रॉपर्टी खरीदने को प्राथमिकता दे रही है। वे अच्छी लोकेशन, प्रीमियम सुविधाओं और उच्च गुणवत्ता वाली कंस्ट्रक्शन को अहमियत दे रहे हैं, जिससे इस सेगमेंट में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. सर्वे के मुताबिक, भले ही 46.5% लोग लग्जरी कार खरीदने को सबसे पसंदीदा एसेट मानते हों, लेकिन लग्जरी रियल एस्टेट भी तेजी से निवेशकों की सूची में जगह बना रहा है। प्रीमियम संपत्तियों में रुचि रखने वाले युवाओं में आर्ट कलेक्शन (11.9%), प्राइवेट जेट (9.9%), और सुपरयॉट (4% जैसी अन्य चीजों की भी मांग है, लेकिन प्रॉपर्टी सेक्टर को स्थायी निवेश के रूप में अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि युवा निवेशकों की प्राथमिकताएं बदली हैं। पहले वे महंगी कारों, गैजेट्स या फैशन ब्रांड्स पर ज्यादा खर्च करते थे, लेकिन अब वे प्रॉपर्टी को एक स्थिर और सुरक्षित संपत्ति के रूप में देख रहे हैं।
दिल्ली-बेंगलुरु में लग्जरी प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें: नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में प्राइम इंटरनेशनल रेजिडेंशियल इंडेक्स के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 2024 में लग्जरी प्रॉपर्टी की कीमतों में 3.6%की वृद्धि हुई। भारतीय शहरों में दिल्ली लग्जरी हाउसिंग के लिहाज से तेजी से उभर रहा है। सालाना आधार पर यहां लग्जरी प्रॉपर्टी की कीमतों में 6.7%की बढ़ोतरी हुई है, जिससे इसकी रैंकिंग 37वें स्थान से 18वें स्थान पर पहुंच गई। इसी तरह, बेंगलुरु भी 59वें से 40वें स्थान पर आ गया है। हालांकि, मुंबई को नुकसान हुआ और यह 8वें स्थान से 21वें स्थान पर खिसक गया।
मिगसन ग्रुप के एमडी, यश मिगलानी का कहना है कि दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों में लग्जरी प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि यह सेगमेंट अब केवल सुपर-रिच क्लास तक सीमित नहीं रहा। युवा पेशेवर, एंटरप्रेन्योर और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं। एचसीबीएस डेवलपमेंट्स के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ सहारन ने कहा कि निवेशक और घर खरीदने वाले लोग लांग टर्म ग्रोथ की संभावना को पहचानते हैं, जिससे लग्जरी प्रॉपर्टी में निवेश सभी की पसंद बन गया है।
अंसल हाउसिंग के कुशाग्र अंसल का कहना है कि युवाओं के बीच लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढऩे का एक और अहम कारण यह है कि वे अपनी कमाई और स्टेटस को रियल एस्टेट में दिखाना चाहते हैं। लग्जरी अपार्टमेंट्स और विला उनके लिए सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि उनकी सफलता और लाइफस्टाइल का प्रतीक बन गए हैं। एस्कॉन इंफ्रा रियलर्टस के एमडी नीरज शर्मा ने बताया कि बदलते समय के साथ युवा निवेशक अब केवल महंगी गाडिय़ों या अन्य लग्जरी आइटम्स पर ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि वे भविष्य को ध्यान में रखते हुए रियल एस्टेट को मजबूत संपत्ति मानकर इसमें निवेश कर रहे हैं।

