बिजनेस रेमेडीज। राजस्थान के सिरोही आधारित देश की प्रमुख सीमेंट निर्माण कंपनी जेके लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड ने 30 जून 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं।
वित्तीय परिणाम: स्टैंडलोन बैलेंस शीट के अनुसार 30 जून 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 1576.88 करोड़ रुपए के कुल राजस्व के मुकाबले 11.64 फीसदी अधिक 1765.22 करोड़ रुपए का कुल राजस्व अर्जित किया है। इसी प्रकार 30 जून 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 56.37 करोड़ रुपए के कर पश्चात शुद्ध लाभ के मुकाबले 169.06 फीसदी अधिक 151.67 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। 30 जून 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही कंपनी ने 12.22 रुपए का ईपीएस अर्जित किया है।
अरेंजमेंट की कंपोजिट स्कीम
कंपनी की अरेंजमेंट की कंपोजिट स्कीम को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। यह योजना 31 जुलाई 2025 से प्रभावी हो गई है। कंपनी ने योजना के प्रभाव को शामिल करने के लिए 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए वित्तीय
विवरणों को पुन: प्रस्तुत किया है, जिसके लिए नियुक्त तिथि 1 अप्रैल 2024 है। कंपनी के स्टैंडअलोन परिणामों में अब पूर्ववर्ती सहायक कंपनी – उदयपुर सीमेंट वर्क्स लिमिटेड (ष्टङ्खरु) और अन्य दो पूर्ण स्वामित्व वाली पूर्ववर्ती सहायक कंपनियों – हंसदीप इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड (॥ढ्ढञ्जष्टरु) और हाईड्राइव डेवलपर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (॥ष्ठढ्ढरु) के वित्तीय परिणाम शामिल हैं। कंपनी के परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, कंपनी की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) विनीता सिंघानिया ने कहा कि “उच्च मात्रा, बेहतर उत्पाद एवं बाजार मिश्रण तथा ईंधन लागत में कमी के कारण कंपनी की लाभप्रदता में क्रमिक रूप से सुधार हुआ है।”
स्थायित्व संबंधित पहल: कंपनी अपनी हरित पहल के एक भाग के रूप में अपने सिरोही सीमेंट संयंत्र में चरणबद्ध तरीके से अपनी टीएसआर को 4 फीसदी से बढ़ाकर 16 फीसदी करने के लिए एक परियोजना का क्रियान्वयन कर रही है। कंपनी के विद्युत मिश्रण में नवीकरणीय ऊर्जा (हरित ऊर्जा) की हिस्सेदारी इस तिमाही में 49 फीसदी रही।
पूंजीगत व्यय : कंपनी प्रबंधन के अनुसार कंपनी अपनी सूरत ग्राइंडिंग इकाई में सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता को 1.35 मिलियन टन से बढ़ाकर 2.7 मिलियन टन कर रही है। इस परियोजना की लागत 225 करोड़ रुपये होने की संभावना है, जिसका वित्तपोषण बैंक से 150 करोड़ रुपये के सावधि ऋण और शेष राशि आंतरिक स्रोतों से की जाएगी। इस परियोजना के चालू तिमाही में चालू होने की उम्मीद है। कंपनी अपने दुर्ग सीमेंट प्लांट में 325 करोड़ रुपये की लागत से एक रेलवे साइडिंग भी लगा रही है, जिसका वित्तपोषण 225 करोड़ रुपये के ऋण और शेष राशि आंतरिक स्रोतों से की जाएगी। परियोजना का पहला चरण पहले ही पूरा हो चुका है।
कंपनी छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अपने एकीकृत सीमेंट प्लांट में क्लिंकर क्षमता का विस्तार कर रही है। इसके लिए वह 2.3 मिलियन टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त क्लिंकर लाइन और चार सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयाँ स्थापित करेगी, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 4.6 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी। इसके अलावा, कंपनी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, बिहार के मधुबनी और झारखंड के पतरातू में 3.4 मिलियन टन प्रति वर्ष की कुल सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता वाली तीन अलग-अलग स्थानों पर सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयाँ भी स्थापित करेगी। इस परियोजना की लागत 3000 करोड़ रुपये होने की संभावना है और इसका वित्तपोषण बैंकों से 2100 करोड़ रुपये के सावधि ऋण और शेष राशि आंतरिक स्रोतों से किए जाने का प्रस्ताव है। परियोजना को चरणों में चालू किया जाएगा, जिसमें क्लिंकराइजेशन और ग्राइंडिंग इकाई का पहला चरण मार्च 2027 तक और शेष 2.2 मिलियन टन सीमेंट क्षमता मार्च 2028 तक चालू करने की योजना है।
पुरस्कार और प्रशंसा:
1. जेके लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड को प्रतिष्ठित “गोल्डन पीकॉक बिजऩेस एक्सीलेंस अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया है।
2. जेके लक्ष्मी सीमेंट को ओटी नेक्सस 2025 में ‘ऑपरेशनल एक्सीलेंस के लिए सर्वश्रेष्ठ आईटी-ओटी सहयोग’ (सीमेंट निर्माण) से सम्मानित किया गया है।
3. जेके लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड को प्रोक्योरमेंट लीडर्स ए वल्र्ड 50 गु्रप कम्युनिटी द्वारा आयोजित वल्र्ड प्रोक्योरमेंट अवार्ड्स 2025 में सोर्सिंग में पर्यावरण और सामाजिक प्रभाव पुरस्कार के लिए चुना गया था।
4. जेके लक्ष्मी सीमेंट को ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल से अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार मिला है, जो कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च सम्मानों में से एक है।
5. जेके लक्ष्मी सीमेंट को भारतीय ग्रामीण विपणन संघ (आरएमएआई) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित डिजिटल डॉट रूरल कॉन्फ्रेंस 2025 में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ डिजिटल-फर्स्ट कंज्यूमर एंगेजमेंट के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
आउटलुक: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत के सीमेंट क्षेत्र का आउटलुक पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है, जिसमें मात्रा में सुधार, बेहतर मूल्य निर्धारण और क्षमता विस्तार शामिल है। बुनियादी ढाँचा गतिविधि और आवास मांग के कारण मात्रा वृद्धि 6 फीसदी रहने का अनुमान है। कीमतों में सुधार की संभावना है, जिससे ठहराव का दौर खत्म हो सकता है।

