Home Business and Economyभारत की स्वच्छ ईंधन दिशा से खुला ₹.1लाखकरोड़ बायोगैस अवसर, निवेश में तेज़ी की उम्मीद

भारत की स्वच्छ ईंधन दिशा से खुला ₹.1लाखकरोड़ बायोगैस अवसर, निवेश में तेज़ी की उम्मीद

by Business Remedies
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India Clean Fuel Transition Opens ₹.1LakhCrore Biogas Investment Opportunity

भारत में स्वच्छ ईंधन की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच बायोगैस क्षेत्र एक बड़े आर्थिक अवसर के रूप में उभर रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश में कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की सैद्धांतिक क्षमता हर साल लगभग 62मिलियन मीट्रिक टन आंकी गई है, लेकिन मौजूदा उत्पादन इसकी कुल क्षमता के 1प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में लगभग ₹.1लाखकरोड़ के निवेश को आकर्षित कर सकता है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि अवशेष, पशुओं का अपशिष्ट, नगर निगम का ठोस कचरा और औद्योगिक उप-उत्पाद अब केवल अपशिष्ट नहीं माने जा रहे, बल्कि इन्हें रणनीतिक ऊर्जा संसाधन के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारत की आयातित हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फिनटेक प्लेटफॉर्म स्मॉलकेस की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की SATAT योजना और अनिवार्य CBG ब्लेंडिंग रोडमैप इस क्षेत्र की वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। SATAT योजना के तहत अब तक 130से अधिक CBG संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं, जबकि 1,000से अधिक परियोजनाएं अभी पाइपलाइन में हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले वर्षों में अनिवार्य ब्लेंडिंग दायित्व धीरे-धीरे बढ़ाए जाएंगे, जिससे उत्पादकों और बुनियादी ढांचा विकसित करने वाली कंपनियों को लंबे समय तक मांग का स्पष्ट अनुमान मिलेगा। इससे इस क्षेत्र की व्यावसायिक व्यवहार्यता भी मजबूत होगी। क्वांटेस रिसर्च के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक जोनागडला ने कहा कि स्वैच्छिक उपयोग से अनिवार्य ब्लेंडिंग की ओर बढ़ना इस क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा। इससे निवेशकों, तकनीक प्रदाताओं और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स का भरोसा बढ़ेगा और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ निवेश कर सकेंगे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत की कच्चे तेल के आयात पर बढ़ती निर्भरता देश की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौतियों में शामिल होती जा रही है। ऐसे में बायोगैस और कंप्रेस्ड बायोगैस घरेलू ऊर्जा समाधान के रूप में तेजी से महत्व हासिल कर रहे हैं।

हालांकि भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े कृषि और जैविक अपशिष्ट संसाधनों में से एक मौजूद है, लेकिन अभी तक देश ने अपनी बायोगैस क्षमता का केवल छोटा हिस्सा ही उपयोग किया है। हाल में सरकार द्वारा CNG के साथ मिश्रित CBG पर उत्पाद शुल्क में छूट और खरीद मूल्य में बढ़ोतरी जैसे कदम भी परियोजनाओं की व्यवहार्यता बढ़ाने में मदद करेंगे। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी में भी तेज़ी आने की उम्मीद है।

यह अवसर केवल बायोगैस उत्पादकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के कई हिस्सों को लाभ पहुंचा सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां CBG इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और गैस खरीदने दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी कंपनियां अब बायोगैस परियोजनाओं और दीर्घकालिक आपूर्ति नेटवर्क में निवेश बढ़ा रही हैं। इसके अलावा गैस यूटिलिटी और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को भी ब्लेंडिंग आवश्यकताओं और पाइपलाइन एकीकरण बढ़ने से लाभ मिलने की संभावना है।



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