New Delhi,
देश की प्रमुख तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने पूरे देश में व्यापक स्तर पर निगरानी अभियान चलाते हुए 10,600 से अधिक निरीक्षण किए हैं। कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि अनियमितता करने वाले व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं, जिनमें कारण बताओ नोटिस जारी करना और निलंबन जैसी कार्रवाई शामिल है। कंपनी ने बताया कि राज्य सरकारों के सहयोग से पूरे देश में 1.2 लाख से अधिक छापेमारी की गई है और 990 से ज्यादा प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। यह कार्रवाई ईंधन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। इंडियन ऑयल ने कहा कि इंडेन गैस वितरण प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि सेवा की गुणवत्ता बनी रहे और एलपीजी गैस सही उपभोक्ताओं तक समय पर पहुंचे। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे पूरे देश में निर्बाध और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती
कंपनी द्वारा अवैध गतिविधियों जैसे गैस की कालाबाजारी, डायवर्जन और जमाखोरी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सख्त प्रवर्तन उपाय लागू किए गए हैं। इससे बाजार में अनुचित लाभ उठाने वाले तत्वों पर नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है। सरकार के अनुसार, 10 अप्रैल को देशभर में 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की गई। इसी दिन लगभग 1 लाख 5 किलोग्राम क्षमता वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर भी बेचे गए, जबकि फरवरी 2026 में इनकी दैनिक औसत बिक्री 77,000 के आसपास थी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने जानकारी दी कि 23 मार्च 2026 से अब तक 5 किलोग्राम के 12 लाख से अधिक फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर छात्रों और कमजोर वर्गों, खासकर प्रवासी मजदूरों को उपलब्ध कराए गए हैं। इन सिलेंडरों को राज्य सरकारों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
जागरूकता अभियान भी तेज
सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा पिछले 8 दिनों में करीब 2,900 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 29,000 से अधिक छोटे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री भी की गई। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को सही जानकारी देना और वैकल्पिक विकल्पों के प्रति जागरूक करना है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से गैस बुकिंग करने और वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही, लोगों को वैकल्पिक ईंधन जैसे पाइप गैस, बिजली या इंडक्शन चूल्हों का उपयोग करने और ऊर्जा संरक्षण पर ध्यान देने के लिए भी प्रेरित किया गया है।




