बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर राजस्थान सरकार MSME को सशक्त बनाने के लिए नीति सुधार, निवेश प्रोत्साहन और व्यापार करने में आसानी जैसे ठोस कदम उठा रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विकास को गति देना है। इस प्रकार के कॉन्फ्रेंस के आयोजनों से उद्योग जगत के प्रमुख हितधारकों, नीति निर्माताओं और उद्यमियों को एक मंच पर लाकर सकारात्मक संवाद को बढ़ावा मिलता है।’
यह बात राजस्थान सरकार के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन के जनरल मैनेजर, रेनो राज ने Indian Chamber of Commerce (आईसीसी), राजस्थान स्टेट काउंसिल द्वारा जयपुर स्थित नोवोटेल में आयोजित कॉन्फे्रंस ‘‘Rajasthan MSME संवाद 2025’ में कीनोट संबोधन के दौरान कही। यह कॉन्फ्रेंस ‘रीइन्वेंटिंग एंड स्केलिंग अप एमएसएमईज़ इन राजस्थान: नैविगेटिंग टुवर्ड्स विकसित भारत’ थीम पर आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ ICC राजस्थान स्टेट काउंसिल की चेयरपर्सन एवं जयश्री पेरीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की चेयरपर्सन, डॉ. जयश्री पेरीवाल, द्वारा स्वागत संबोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने राजस्थान की अर्थव्यवस्था के भविष्य के निर्माण में एमएसएमई के लिए ‘इनोवेशन’ और ‘रेजिलिएंस’ की आवश्यकता पर बल दिया। कॉन्फें्रस के दौरान विभिन्न उद्योग विशेषज्ञों द्वारा एमएसएमई क्षेत्र की चुनौतियों, संभावनाओं और विकास की रणनीतियों पर अपने विचार साझा किए गए। राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, डॉ. के.एल. जैन ने सरकारी नीतियों, वित्तीय सहायता और तकनीकी उन्नयन को और अधिक सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, रेसर्जेंट इंडिया लिमिटेड, निदेशक, के.के. गुप्ता ने निवेशकों और एमएसएमई के बीच बेहतर संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके अतिरिक्त, फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री, एमएसएमई काउंसिल, चेयरमैन, अमित कुमार अग्रवाल ने उद्यमियों के लिए नीति-निर्माण प्रक्रिया में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इससे पूर्व, ICC राजस्थान स्टेट काउंसिल के को-चेयरपर्सन एवं शुभाशिष ग्रुप ऑफ़ कंपनीज़ के चेयरमैन, जय कृष्ण जाजू ने कॉन्फ्रेंस की थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आईसीसी एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके पश्चात, ‘स्ट्रेंथनिंग राजस्थान MSME इकोसिस्टम’ विषय पर एक सेशन; ‘अनलॉकिंग कैपिटल: नेविगेटिंग द एसएमई आईपीओ जर्नी इन राजस्थान’ विषय पर एक पैनल चर्चा और ‘ओरिएंटेशन ऑन वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डवलपमेंट प्रोग्राम फॉर एमएसएमई’ पर एक वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर आईसीसी, रीजनल डायरेक्टर, देबमाल्य बनर्जी ने अपने संबोधन में यह दोहराया कि इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स, उद्योग और सरकार के बीच साझेदारी को मजबूत करने और एमएसएमई के विकास के लिए सार्थक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राजस्थान एमएसएमई संवाद 2025 एक गतिशील मंच के रूप में उभरा, जिसमें ज्ञान-साझा करने, नेटवर्किंग और राजस्थान के एमएसएमई इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा की गई।

