Friday, September 11, 2026 |
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ताइवान की विशेषज्ञता बनेगी भारत के लिए बड़ा अवसर

‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ का बन सकता है साझेदार

by Business Remedies
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जयपुर 7 नई दिल्ली बीआर न्यूज नेटवर्क। ताइवान की विशाल विदेशी मुद्रा भंडार क्षमता और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग, खनन अन्वेषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता भारत के लिए बड़ा अवसर बन सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ताइवान, भारत की ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ जैसी पहलों का महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है।

ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी सॉफ्टवेयर विशेषज्ञता का लाभ उठा सकता है, जबकि ताइवान अपनी हार्डवेयर क्षमताओं से सहयोग कर सकता है। इससे दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध विकसित हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का विशाल बाजार ताइवान की चीन पर आर्थिक निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकता है। साथ ही, ताइवान की आधुनिक कृषि तकनीक भारत के कृषि क्षेत्र में भी बदलाव ला सकती है।

भारत का बाजार ताइवान को कर सकता है मदद

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के लगातार आक्रामक रुख के बीच भारत का बाजार ताइवान के लिए निवेश का बड़ा अवसर है। हालांकि, ताइवान में भारतीय कामगारों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी आशंकाओं ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर असर डाला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ताइवान को यह समझना चाहिए कि भारत का कुशल और अकुशल श्रमबल वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रहा है। भारत के घरेलू मुद्दों का इस्तेमाल ताइवान की विपक्षी पार्टियों की ओर से दोनों देशों के बढ़ते संबंधों को कमजोर करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

आर्थिक संबंधों में आ रही है तेजी

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत और ताइवान को बाहरी शक्तियों के नकारात्मक प्रभाव से बचते हुए अपने द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने चाहिए और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी विचार करना चाहिए। पिछले एक दशक में भारत-ताइवान आर्थिक संबंधों में तेजी आई है और द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ताइवान के भारत प्रतिनिधि मुमिन चेन और भारत के महानिदेशक निनाद देशपांडे दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

कृषि और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा

हाल ही में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) का एक प्रतिनिधिमंडल 13 से 17 अप्रैल तक ताइपे गया, जहां ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्ट मोबिलिटी क्षेत्रों में सहयोग तथा सप्लाई चेन मजबूती पर चर्चा हुई। वर्ष, 2024 में ऑर्गेनिक उत्पादों पर हुए म्यूचुअल रिकग्निशन एग्रीमेंट से कृषि और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। वहीं ताइवान एक्सटर्नल ट्रेड डेवलपमेंट काउंसिल और ताइपे कंप्यूटर एसोसिएशन ने मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु में अपने कार्यालय स्थापित किए हैं, ताकि व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।



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