नई दिल्ली,
स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि भारत और स्पेन के बीच संबंधों की स्थिति बेहद उत्कृष्ट है और आने वाले समय में इन्हें और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में भी यह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा। राष्ट्रपति सांचेज ने प्रधानमंत्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों देश ऐसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास की आवश्यकता को समझते हैं जो मानव-केंद्रित हो और समाज के हित में कार्य करे। यह सांचेज की 15 महीनों में दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वे अक्टूबर 2024 में भारत आए थे। दोनों देश वर्ष 2026 को भारत-स्पेन संस्कृति, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता वर्ष के रूप में मना रहे हैं, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रमुख विषयों में शामिल है।
रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी पर चर्चा
बुधवार को हुई बैठक में दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह वर्ष दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों के बड़े प्रतिनिधिमंडल के भारत आने पर भी खुशी जताई और इसे दीर्घकालीन संपर्क मजबूत करने वाला कदम बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता स्पेन के साथ आर्थिक साझेदारी को सकारात्मक दिशा देगा और दोनों देशों के नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन में भागीदारी
राष्ट्रपति सांचेज राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेने पहुंचे। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विभिन्न उद्योगों और शासन व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बदलती भूमिका पर केंद्रित है। इसमें दुनिया भर के प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, नीति निर्माता, शोधकर्ता और उद्यमी शामिल हुए हैं। सम्मेलन का उद्देश्य यह दिखाना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाज को वास्तविक लाभ दे सकती है, नवाचार को बढ़ावा दे सकती है और समावेशी तथा सतत विकास को आगे बढ़ा सकती है। यह वैश्विक दक्षिण में आयोजित पहला ऐसा वैश्विक सम्मेलन है जो मानवता के हित में तकनीकी प्रगति सुनिश्चित करने की दिशा तय करता है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति सांचेज ने लोधी कला क्षेत्र में भारतीय और स्पेनिश कलाकारों द्वारा संयुक्त रूप से बनाई गई भित्ति चित्र समर्पण समारोह में भी भाग लिया। इस दौरान केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यह कलात्मक सहयोग दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को नई पहचान देता है।

