Friday, July 3, 2026 |
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भारत में यात्री Electric Vehicle पंजीकरण में पहली तिमाही में 90 प्रतिशत की तेज़ बढ़ोतरी, खरीदारों का रुझान बढ़ा

by Business Remedies
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India Passenger Electric Vehicle Registrations Rise 90 Percent In Q1 FY27

भारत में बैटरी से चलने वाले यात्री Electric Vehicle की मांग लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष FY27 की पहली तिमाही में देशभर में यात्री Electric Vehicle पंजीकरण में लगभग 90प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। वाहन पंजीकरण आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जून की अवधि में कुल 82,737 यात्री Electric Vehicle पंजीकृत हुए, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 43,710 थी। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी होने से लोगों का रुझान बैटरी से चलने वाले वाहनों की ओर बढ़ा। इसके अलावा Electric Vehicle का संचालन खर्च अपेक्षाकृत स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को यह विकल्प अधिक किफायती दिखाई दिया।

पूरी तिमाही के दौरान पंजीकरण में लगातार वृद्धि देखने को मिली। अप्रैल में 24,963 यात्री Electric Vehicle पंजीकृत हुए, मई में यह संख्या बढ़कर 27,320 हो गई और जून में 30,454 तक पहुंच गई। यह लगातार बढ़ती मांग इस क्षेत्र में मजबूत विस्तार का संकेत देती है। टाटा मोटर्स ने पहली तिमाही में कुल 32,283 यात्री Electric Vehicle पंजीकृत किए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 15,794 वाहनों की तुलना में 104 प्रतिशत अधिक हैं। जून महीने में कंपनी की कुल यात्री वाहन बिक्री 63,083 इकाई रही, जबकि एक वर्ष पहले इसी महीने यह 37,237 इकाई थी। इस तरह कंपनी की मासिक बिक्री में 69 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अप्रैल से जून की अवधि में टाटा मोटर्स की कुल यात्री वाहन बिक्री बढ़कर 1,82,574 इकाई हो गई, जो सालाना आधार पर 46 प्रतिशत अधिक है। जून में कंपनी की Electric Vehicle बिक्री 5,228 से बढ़कर 14,800 इकाई पहुंच गई। वहीं पहली तिमाही में Electric Vehicle बिक्री 112 प्रतिशत बढ़कर 34,467 इकाई हो गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने Electric Vehicle पंजीकरण को लगभग दोगुना कर लिया। कंपनी के पंजीकरण पिछले वर्ष की समान अवधि के 10,144 से बढ़कर 20,112 इकाई हो गए।

हालांकि हुंडई मोटर इंडिया के लिए पहली तिमाही उम्मीद के अनुरूप नहीं रही। कंपनी के यात्री Electric Vehicle पंजीकरण घटकर 1,386 रह गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 2,142 थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों और पारंपरिक वाहनों के संचालन खर्च में वृद्धि के कारण अधिक खरीदार अब Electric Vehicle को प्राथमिकता दे रहे हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद बैटरी से चलने वाले वाहनों का संचालन खर्च अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है, जिससे इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

इसके साथ ही हाल के महीनों में कई वाहन निर्माताओं ने उत्पादन लागत, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और परिचालन खर्च में वृद्धि का हवाला देते हुए अपने वाहनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। 1 July से टाटा मोटर्स ने अपने यात्री वाहन पोर्टफोलियो, जिसमें ICE और Electric Vehicle मॉडल शामिल हैं, की कीमतों में अधिकतम 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। वहीं कंपनी ने अपने वाणिज्यिक वाहनों की कीमतों में अधिकतम 2.5 प्रतिशत तक इजाफा किया है, जिसकी सीमा अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के अनुसार तय की गई है।

इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया ने भी अपने वाहन पोर्टफोलियो की कीमतों में अधिकतम ₹.12,800 तक बढ़ोतरी की घोषणा की थी। वहीं मारुति सुज़ुकी इंडिया ने अपने विभिन्न मॉडलों की कीमतों में अधिकतम ₹.30,000 तक वृद्धि की है। दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपने एसयूवी और वाणिज्यिक वाहनों की कीमतों में अधिकतम 2.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। कंपनी के विभिन्न मॉडलों में औसतन लगभग 1.6 प्रतिशत की मूल्य वृद्धि लागू की गई है।



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