वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और मोनाको के बीच संबंध आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। बुधवार को उन्होंने मोनाको के राजकुमार अल्बर्ट द्वितीय से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने स्थिरता, नीली अर्थव्यवस्था, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की।
पीयूष गोयल ने बताया कि उन्होंने राजकुमार अल्बर्ट द्वितीय को नीस में आयोजित प्रमुख कार्यक्रम ‘भारत इनोवेट्स 2026’ की जानकारी भी दी। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत के सशक्त प्रौद्योगिकी और नवाचार तंत्र को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया गया। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में विश्वास जताया कि भारत-मोनाको संबंध आने वाले समय में लगातार मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच साझेदारी का दायरा और व्यापक होगा।
इससे पहले पीयूष गोयल ने नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने पिछले 3 दिनों में प्राप्त उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-फ्रांस नवाचार साझेदारी में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रेरणादायी नेतृत्व तथा ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ के साझा दृष्टिकोण ने इस परिवर्तनकारी मंच की मजबूत नींव रखी है।
मंत्री ने वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, निवेशकों और नवप्रवर्तकों को भारत के साथ मिलकर नवाचार आधारित टिकाऊ और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भागीदारी का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल हो रहा है। पीयूष गोयल ने फ्रांस के ग्रास स्थित प्रतिष्ठित फ्रागोनार्ड कारखाने का भी दौरा किया। यह कारखाना अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है और पीढ़ियों से वैश्विक सुगंध उद्योग को दिशा देता आया है। इस दौरान उन्होंने विलासिता विनिर्माण, डिजाइन और उच्च मूल्य व्यापार के क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक ज्ञान तथा कुशल कार्यबल के संयोजन से नवाचार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। इससे भारत को प्रीमियम सुगंध और विलासिता क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, पीयूष गोयल ने फ्रांस के प्रतिष्ठित गैलेरी लाफायेत, नीस मैसेना में भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई का शुभारंभ भी किया। इससे भारतीय यात्रियों और व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में अधिक सुविधा मिलेगी तथा वैश्विक स्तर पर भारत की डिजिटल भुगतान क्षमता को और मजबूती प्राप्त होगी।

