Monday, July 13, 2026 |
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वैश्विक वीजा कार्यक्रमों में भारत का दबदबा

रिपोर्ट में दी जानकारी: कुशल प्रतिभाओं का सबसे बड़ा निर्यातक बना देश

by Business Remedies
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नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारत दुनिया के प्रमुख वीजा कार्यक्रमों में शीर्ष स्थानों पर बना हुआ है। अमेरिका के H-1B Visa कार्यक्रम में भारत सबसे बड़ा स्रोत देश है, जबकि ब्रिटेन के Skilled Worker Visa और European Union Blue Card कार्यक्रम में भारत दूसरे स्थान पर है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई है। Workforce Management Services Firm Deel की रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक स्तर पर कुशल पेशेवरों की आपूर्ति में अहम भूमिका निभा रहा है और बदलते वैश्विक प्रवासन रुझानों का लाभ उठाने की मजबूत स्थिति में है। अब कंपनियां लागत कम करने के बजाय दुर्लभ और उच्च कौशल वाली प्रतिभाओं के लिए अधिक वेतन देने को तैयार हैं।

UAE के Golden Visa और सामान्य रोजगार Visa में सबसे आगे

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय United Arab Emirates (UAE) के Golden Visa और सामान्य रोजगार Visa दोनों श्रेणियों में सबसे आगे हैं। वर्तमान में UAE की कुल आबादी में भारतीयों की हिस्सेदारी लगभग 38 प्रतिशत है। 150 से अधिक देशों में 40,000 से ज्यादा कंपनियों के भर्ती आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट में बताया गया कि Visa धारक कर्मचारियों को समान पदों पर काम करने वाले स्थानीय कर्मचारियों की तुलना में अधिक वेतन मिलता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक भर्ती का मुख्य कारण प्रतिभा की कमी है, ना कि कम वेतन पर कर्मचारियों को नियुक्त करना।

अमेरिकी नागरिकों का औसत वेतन 1.30 लाख डॉलर

अमेरिका में H-1B Visa धारकों का औसत वेतन 1.40 लाख डॉलर है, जबकि समान पदों पर अमेरिकी नागरिकों का औसत वेतन 1.30 लाख डॉलर है। ब्रिटेन में Skilled Worker Visa धारकों की औसत आय 96,000 पाउंड है, जबकि स्थानीय नागरिकों की आय 87,000 पाउंड है। UAE में Golden Visa धारकों की औसत आय 6.05 लाख दिरहम है, जबकि सामान्य रोजगार Visa धारकों की आय 4.59 लाख दिरहम है।

भारतीय तकनीकी प्रतिभाओं की बढ़ रही है डिमांड

Deel के प्लेटफॉर्म पर भारतीय पेशेवरों की भर्ती में सबसे तेज वृद्धि Australia में दर्ज की गई, जहां साल-दर-साल आधार पर 724 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद United Kingdom में 142 प्रतिशत और United States में 139 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पेशेवरों के लिए UAE सबसे बड़ा वैश्विक गंतव्य बना हुआ है। इसके बाद Singapore, United Kingdom, United States और Canada का स्थान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर विकास, Artificial Intelligence (AI) और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भारतीय तकनीकी प्रतिभाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग लगातार बढ़ रही है।

प्रतिभा और आर्थिक क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद

European Union से बाहर के कुशल पेशेवरों को बिना नौकरी के प्रस्ताव के Germany आने की अनुमति देने वाली Germany की Opportunity Card योजना के तहत जारी किए गए कुल परमिटों में लगभग एक-तिहाई भारतीयों को मिले हैं। Lauren Thomas, Economist, Deel ने कहा कि अब प्रतिभाएं केवल कुछ पारंपरिक देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के कई नए बाजारों की ओर जा रही हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अब ऐसे नए दौर में प्रवेश कर सकता है, जहां विदेशों में प्रशिक्षित और अनुभव प्राप्त पेशेवर घरेलू अवसरों के बढ़ने के कारण वापस भारत लौटने लगें। इससे देश की प्रतिभा और आर्थिक क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।



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