नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के शैक्षणिक संस्थानों से आह्वान किया कि वे अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और शोध आधारित शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करें, ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभव से जुड़ी पढ़ाई का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा, रोजगार और उद्यम एक साथ आगे बढ़ते हैं, तभी देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलती है।
प्रधानमंत्री ने यह बात Budget के बाद आयोजित एक webinar को virtual माध्यम से संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, रोजगार और उद्यम के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया और AVGC सेक्टर (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए innovation आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस webinar में इस बात पर गहन विचार होना चाहिए कि किस प्रकार विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान अपने campus को उद्योग सहयोग और शोध आधारित शिक्षा के सशक्त केंद्र बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने संस्थानों, उद्योग जगत और शिक्षा जगत के बीच बेहतर समन्वय को राष्ट्रीय प्रगति के लिए बेहद आवश्यक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इन चर्चाओं से भविष्य के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार होगा और विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से विकसित भारत की आधारशिला और अधिक सशक्त होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं की बदलती सोच और उनकी ऊर्जा भारत की सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को भी उसी भावना के अनुरूप ढालना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति इस दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है, जिसमें पाठ्यक्रम को बाज़ार की मांग और वास्तविक अर्थव्यवस्था के अनुरूप बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को भी इन क्षेत्रों के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को और तेज़ करना होगा।
प्रधानमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों को भविष्य की नई प्रौद्योगिकियों में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शोध के क्षेत्र में भी मजबूत व्यवस्था बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में ऐसा शोध वातावरण तैयार करना होगा जहां युवा शोधकर्ताओं को बिना किसी बाधा के नए प्रयोग करने और नए विचारों पर काम करने का पूरा अवसर मिल सके।

