नई दिल्ली। नई दिल्ली के सेक्टर-5, रोहिणी स्थित Jagan Institute of Management Studies (JIMS) में ‘युवा कनेक्ट कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत@2047 के विजन से जोड़ना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना था।
यह आयोजन छात्रों को राष्ट्र निर्माण, नागरिक भागीदारी और भारत के भविष्य को आकार देने में युवाओं की भूमिका पर सार्थक संवाद का मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम प्रधानाचार्य एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण अरोरा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जबकि इसका समन्वय विकसित भारत संयोजक दीपिका ने किया।
सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के मिशन को समझने के लिए सक्रिय रूप से चर्चा में शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संरचित सहभागिता और नागरिक भागीदारी के माध्यम से विकसित भारत@2047 के लक्ष्य से जोड़ना, नीति निर्माताओं, जन प्रतिनिधियों और युवा प्रेरणास्रोतों के साथ संवाद के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाना, डिजिटल सहभागिता को बढ़ावा देना, माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण को प्रोत्साहित करना तथा स्वयंसेवा की भावना को मजबूत करना था। साथ ही, राष्ट्रीय विकास में योगदान देने वाले सक्रिय युवाओं का राष्ट्रव्यापी डेटाबेस तैयार करने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों और प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर विकसित भारत संयोजक दीपिका ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय विकास में युवाओं की भागीदारी के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थान जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण युवा आइकन सुश्री लविशा अरोरा के साथ संवाद रहा। उन्होंने अपनी प्रेरणादायक यात्रा साझा करते हुए छात्रों को नेतृत्व कौशल, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उनके संबोधन ने छात्रों को देश के विकास से जुड़ी पहलों में सक्रिय भागीदारी के लिए उत्साहित किया।
सत्र के दौरान उन्होंने “वंदे मातरम – विकसित भारत 2047 के लिए सभ्यतागत मंत्र” और “विकसित भारत 2047: एक सभ्यतागत मिशन” विषयों पर केंद्रित दो प्रभावशाली प्रस्तुतियां भी दीं। उन्होंने वंदे मातरम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।

इसके साथ ही उन्होंने विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर सम्मानित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डिजिटल इंडिया, बुनियादी ढांचे के विकास, महिला नेतृत्व आधारित विकास, नवाचार और सतत प्रगति जैसे उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक युवा संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने भारत की प्रगति को लेकर अपने विचार, दृष्टिकोण और आकांक्षाएं साझा कीं। इस सत्र ने रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा दिया और छात्रों को राष्ट्र के भविष्य पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में युवा आइकन का प्रेरणादायक संबोधन, मंत्रालय के प्रतिनिधि के साथ संवाद, छात्रों की सक्रिय भागीदारी और विकसित भारत@2047 के विजन के प्रति जागरूकता शामिल रहे।
आयोजकों के अनुसार, JIMS रोहिणी में आयोजित यह युवा कनेक्ट कार्यक्रम एक प्रभावशाली पहल साबित हुआ, जिसने छात्रों को भारत के विकास पथ में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम ने युवाओं और राष्ट्रीय दृष्टिकोण के बीच संबंध को मजबूत किया और छात्रों को देश के भावी नेताओं के रूप में जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का समापन सभी गणमान्य व्यक्तियों, आयोजकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

