Wednesday, May 20, 2026 |
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सरकार 1.5 लाख बहु-कौशल देखभाल कर्मियों के प्रशिक्षण पर आयोजित करेगी post-Budget चर्चा

by Business Remedies
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Central Government Initiative on Care Worker Training Programme in India

नई दिल्ली,

देश में बढ़ती स्वास्थ्य और बुजुर्ग देखभाल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार देखभाल सेवाओं के क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने रविवार को बताया कि post-Budget Webinar श्रृंखला के तहत भारत के care ecosystem को सशक्त बनाने के लिए एक विशेष breakout session आयोजित किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य देश में 1.5 लाख बहु-कौशल देखभाल कर्मियों को तैयार करना है। इन कर्मियों को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे देश के भीतर बढ़ती घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकें और साथ ही वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही care economy में भी अवसरों का लाभ उठा सकें।

सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में बुजुर्ग आबादी के बढ़ने और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग में वृद्धि के कारण देखभाल सेवाओं का क्षेत्र तेजी से विस्तार करेगा। ऐसे में प्रशिक्षित और दक्ष देखभाल कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक हो गया है। मंत्रालय ने बताया कि यह Webinar विभिन्न हितधारकों के लिए एक साझा मंच का कार्य करेगा, जहां Budget Speech 2026-27 में घोषित योजनाओं को लागू करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बजट भाषण में देश में बुजुर्गों और संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करते हुए एक मजबूत care ecosystem विकसित करने की बात कही गई थी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा था कि बहु-कौशल देखभाल कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। ये कार्यक्रम NSQF के मानकों के अनुरूप होंगे और इनमें मूल देखभाल कौशल के साथ-साथ अन्य सहायक कौशल भी शामिल किए जाएंगे। इन कौशलों में स्वास्थ्य संवर्धन, योग तथा चिकित्सकीय और सहायक उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आगामी वर्ष में 1.5 लाख देखभाल कर्मियों को प्रशिक्षित करना है।

Union Budget 2026-27 में देखभाल क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए विशेष पहल की घोषणा की गई है। इसके तहत ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे जो देखभाल से जुड़े मुख्य कौशलों को अन्य सहयोगी कौशलों के साथ जोड़ेंगे। इससे प्रशिक्षित कर्मियों की गुणवत्ता बढ़ेगी और वे अस्पतालों, घरों तथा स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सेवाएं दे सकेंगे। इस Webinar में स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ, विभिन्न राज्यों की सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान देखभाल कर्मियों की योग्यता को मानकीकृत करने, प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत करने और प्रशिक्षुता के अवसरों का विस्तार करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने यह भी बताया कि देखभाल क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल मानकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है। इससे भारतीय प्रशिक्षित कर्मियों को विदेशों में भी बेहतर रोजगार मिल सकेगा।

देश के कौशल विकास तंत्र को भी इस दिशा में मजबूत किया जा रहा है। इसमें National Council for Vocational Education and Training, Sector Skill Councils, Industrial Training Institutes और National Skill Training Institutes जैसी संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन संस्थानों के माध्यम से बदलती कार्यबल आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित की जा रही है। मंत्रालय के अनुसार अब तक हजारों उम्मीदवारों को बुजुर्ग देखभाल कर्मी, घरेलू स्वास्थ्य सहायक और सामान्य ड्यूटी सहायक जैसी भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। इससे देश में संगठित और संरचित देखभाल कार्यबल की मजबूत नींव तैयार हो रही है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय इस पूरे दिन चलने वाले Webinar का नेतृत्व करेगा। इस post-Budget कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी March 9, 2026 को संबोधित करेंगे और देखभाल क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की आगे की रणनीति पर मार्गदर्शन देंगे।



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