मुंबई,
देश के प्रमुख इंजीनियरिंग एवं निर्माण क्षेत्र की कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को इस सप्ताह शेयर बाजार में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा। कंपनी के कुल बाजार पूंजीकरण में 45,629.03 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई, जिसके बाद इसका कुल मूल्य घटकर 5,43,208.36 करोड़ रुपये रह गया। व्यापक बिकवाली के दबाव के कारण देश की कई दिग्गज कंपनियों के शेयर प्रभावित हुए। इस सप्ताह शीर्ष-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से आठ कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में कुल 2,81,581.53 करोड़ रुपये की गिरावट आई। यह गिरावट शेयर बाजार में कमजोर रुख के अनुरूप रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक sensex 2,368.29 अंक यानी 2.91 प्रतिशत टूट गया, जिससे निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा। विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी।
रिलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि अवकाश से छोटा रहा यह सप्ताह बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में वृद्धि ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिससे व्यापक बिकवाली देखी गई। सबसे अधिक नुकसान भारतीय स्टेट बैंक को हुआ, जिसके बाजार पूंजीकरण में 53,952.96 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह घटकर 10,55,567.27 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह आईसीआईसीआई बैंक के मूल्यांकन में 46,936.82 करोड़ रुपये की कमी आई और इसका कुल मूल्य 9,40,049.82 करोड़ रुपये पर आ गया।
एचडीएफसी बैंक को भी 46,552.3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे इसका बाजार पूंजीकरण घटकर 13,19,107.08 करोड़ रुपये रह गया। बजाज फाइनेंस के मूल्य में 28,934.56 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 5,91,136.03 करोड़ रुपये पर आ गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के बाजार पूंजीकरण में 28,492.44 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 9,25,380.15 करोड़ रुपये रह गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर के मूल्य में 26,350.67 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 5,23,042.51 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में भी 4,732.75 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई, जिससे इसका कुल मूल्य 10,67,120.50 करोड़ रुपये रह गया।
हालांकि, इस गिरावट भरे सप्ताह में दो कंपनियों ने बढ़त दर्ज की। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 14,750.39 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 19,01,583.05 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इंफोसिस ने भी 3,459.99 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 5,30,546.54 करोड़ रुपये का स्तर हासिल किया। nifty के तकनीकी स्तरों पर विशेषज्ञों का कहना है कि 24,700 का स्तर निकटतम अवरोध के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद 25,000 और 25,150 के स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे। नीचे की ओर 24,300 और 24,000 प्रमुख सहारा स्तर माने जा रहे हैं, जबकि 23,800 से नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव और तेज हो सकता है।




